रांची. रांची जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि हुई है जिसके बाद पूरे रांची शहर में आम लोगों में दहशत का माहौल है लेकिन जिला प्रशासन और सरकार ने लोगों से शांति बनाये रखने और धैर्य रखने की अपील की है।

मलेशिया से आयी युवती में संक्रमण की पुष्टि

रांची जिला उपायुक्त राय महिमापत रे ने मलेशिया से आयी एक युवती के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि करते हुए लोगों से अपने अपने घरों में रहने की अपील की है। उन्होंने किसी तरह कि अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस वायरस के संक्रमण के रोकथाम के लिए वे अपने अपने घरों में रहें। किसी तरह की जानकारी या मदद की जरूरत हो तो जिला प्रशासन से संपर्क करें। जिला नियंत्रण कक्ष 1950 पर किसी भी स्थिति में आम जन संपर्क कर सकते हैं।

प्रशासन आम लोगों की मदद के लिए मुस्तैद

जिले वासियों से संयम की अपील करते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राय महिमापत रे ने कहा कि जिला प्रशासन आम लोगों की मदद के लिए मुस्तैद है। किसी भी तरह की सहायता के लिए बेझिझक जिला प्रशासन से संपर्क करें। रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता ने भी लोगों से संयम की अपील करते हुए कहा कि वे अपने अपने घरों में रहें। उन्होंने सोशल मीडिया पर किसी तरह की जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पड़ताल करने और अफवाहों से बचने की अपील की।

संक्रमित युवती मलेशिया की रहने वाली

इससे पहले आज झारखंड की राजधानी रांची में कोरोना वायरस से संक्रमण का पहला मामला उस समय सामने आया जब शहर की एक मस्जिद से मिली मलेशिया की यह 22 वर्षीय युवती संक्रमित पायी गयी। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने बताया कि मलेशिया से यह महिला 17 मार्च को यहां आयी थी। रांची के हिंदपीढ़ी इलाके की बड़ी मस्जिद से उसे 16 अन्य विदेशी तथा सात भारतीय लोगों के साथ रविवार को हिरासत में लेकर यहां खेल गांव में बनाये गये पृथक केन्द्र में रखा गया था।

युवती धर्म प्रचार के लिए आयी थी भारत

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिये गये सभी विदेशियों और अन्य लोगों के नमूने जांच के लिए भेजे गये थे जिसमें से मलेशिया की इस युवती के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। बताया जाता है कि युवती धर्म प्रचार के लिए यहां आयी थी। हालांकि युवती में कोरोना वायरस के कोई भी लक्षण नहीं पाये गये हैं।

अब पुलिस और प्रशासन इन विदेशी लोगों के टिकने वाले ठिकानों और घरों को सील करने में जुटा हुआ है। इन लोगों से पिछले दो सप्ताह में मिलने वाले लोगों का पता लगाने का प्रयास भी किया जा रहा है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव)