27 वर्षीय इस महिला के साहस के आगे खूंखार नक्सलियों के भी हाथ-पैर फूल गए। नक्सली उसके घर में घुसकर धमकाने आए थे। अपने परिवार को खतरे में देखकर महिला ने काली का रूप धरा और अकेले की नक्सलियों पर टूट पड़ी। उसने नक्सली कमांडर को मार गिराया। इसके बाद बाकी नक्सली डरके मारे जंगलों में भाग निकले। पुलिस ने महिला की हिम्मत को सराहा है। महिला ने कहा कि अगर वो ऐसा नहीं करती, तो नक्सली उसके परिवार को नुकसान पहुंचा सकते थे।

गुमला, झारखंड. यह कहानी 27 वर्षीय एक ऐसी महिला की है, जिसने अपने परिवार को खतरे में देखकर अकेले ही नक्सलियों से लोहा लिया। महिला के साहस के आगे खूंखार नक्सलियों के भी हाथ-पैर फूल गए। नक्सली उसके घर में घुसकर धमकाने आए थे। अपने परिवार को खतरे में देखकर महिला ने काली का रूप धरा और अकेले की नक्सलियों पर टूट पड़ी। उसने नक्सली कमांडर को मार गिराया। इसके बाद बाकी नक्सली डरके मारे जंगलों में भाग निकले। पुलिस ने महिला की हिम्मत को सराहा है। महिला ने कहा कि अगर वो ऐसा नहीं करती, तो नक्सली उसके परिवार को नुकसान पहुंचा सकते थे।

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अगर महिला हिम्मत नहीं करती, तो वो परिवार को नुकसान पहुंचाते..
मामला गुमला जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित वृंदा नायकटोली गांव से जुड़ा हुआ है। यहां रहने वाली विनीता उरांव के घर में पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) का एरिया कमांडर बसंत गोप कुछ नक्सलियों के साथ घुस आया था। एसपी हरदीप पी जनार्दन ने बताया कि नक्सली विनीता के परिवार की हत्या कर सकते थे। यह देखकर उसने नक्सलियों का अकेला ही मुकाबला किया। वो टांगी (धारदार हथियार) से नक्सली कमांडर पर टूट पड़ी। कमांडर की मौत देखकर बाकी नक्सली फायर करते हुए भाग निकले।

गवाही देने से रोक रहे थे
एसपी ने बताया कि इस नक्सली संगठन ने 2 साल पहले गांव के एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। विनीता इस मामले में गवाह थी। मौजूदा घटना के बाद पुलिस गुमला से10 किमी दूर वृंदा नायकटोली में कैंप कर रही है। एसपी ने बताया कि पुलिस विनीता को सुरक्षा मुहैया कराएगी।