'सारे काम छोड़ दो, पहले वोट दो!' इस तरह के स्लोगन आपने खूब सुने होंगे, लेकिन इस बुजुर्ग ने ऐसी मिसाल पेश की, जिसने सबको भावुक कर दिया। देश के प्रति अपना फर्ज निभाने का संदेश दिया।

बोकारो, छग. चुनाव को देश का सबसे बड़ा महोत्सव कहा जाता है। लेकिन किसी भी त्योहार या पर्व में लोग तभी शामिल होते हैं, जब उनकी जिंदगी में खुशी हो। लेकिन यहां का मामला जानकर आप भी भावुक हो उठेंगे। 'सारे काम छोड़ दो, पहले वोट दो!' इस तरह के स्लोगन आपने खूब सुने होंगे, लेकिन इस बुजुर्ग ने ऐसी मिसाल पेश की, जिसने सबको भावुक कर दिया। देश के प्रति अपना फर्ज निभाने का संदेश दिया।

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यह हैं रेणु देवी। ये झारखंड विधानसभा चुनाव में एक मिसाल बनकर सामने आई हैं। यहां तीसरे चरण में 12 दिसंबर को वोटिंग थी। इससे एक दिन पहले यानी बुधवार की रात कारो बस्ती की रहने वालीं रेणु देवी के पति ईश्वर करमाली(63) की ठंड लगने से मौत हो गई। पूरा परिवार दुख में डूबा था। लोगों को लगा कि शायद रेणु देवी वोट डालने नहीं जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रेणु देवी की आंखों में आंसू भरे हुए थे। घर में पति की लाश रखी हुई थी, बावजूद वे वोट डालने पहुंचीं। 

उन्होंने मध्य विद्यालय कारो स्थित बूथ क्रमांक-87 में वोट डाला। रेणु देवी के लौटने के बाद ही उनके पति का अंतिम संस्कार किया गया। रेणु देवी जब वोट डाल रही थीं, तब भी उनकी आंखों में नमी थी। जब वहां मौजूद लोगों को उनके पति की मौत के बारे में पता चला, तो वे हैरान रह गए। बुजुर्ग महिला का अपने देश के प्रति समर्पण देखकर लोग भी भावुक हो उठे। रेणु ने बताया कि उनके पति ने हर चुनाव में वोट डाले। उनसे ही यह सीख मिली। रेणु देवी कोयला खदान में मजदूर हैं।