मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मोबाइल एप प्रवासी मजदूरों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। एप का उपयोग वैसे मजदूर भी कर सकेंगे, जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है। इसके लिए बस समूह में एक स्मार्टफोन होना जरूरी है। एक ही स्मार्ट फोन से सभी लोग रजिस्टर कर सकते हैं।

रांची. राज्य के बाहर फंसे प्रवासी मजदूरों की आर्थिक सहायता के लिए झारखंड सरकार ने सहायता मोबाइल एप लॉन्च किया किया है। इसके जरिये हर श्रमिक जो देश के अलग-अलग राज्यों में फंसा है उसे 1000 रुपया दिया जाऐगा। गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एप लांच करते हुए कहा कि झारखंड विशेष सहायता योजना मोबाइल एप के माध्यम से राज्य सरकार प्रवासी मजदूर भाइयों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। एक सप्ताह के अंदर देश के विभिन्न राज्यों में फंसे ऐसे सभी मजदूरों को चिन्हित कर सरकार उन्हें आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराएगी। 

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जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है वो भी कर सकते हैं आवेदन

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मोबाइल एप प्रवासी मजदूरों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। एप का उपयोग वैसे मजदूर भी कर सकेंगे, जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है। इसके लिए बस समूह में एक स्मार्टफोन होना जरूरी है। एक ही स्मार्ट फोन से सभी लोग रजिस्टर कर सकते हैं। एप को covid-19 help.jharkhand.gov.in वेबसाइट पर जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। जब आप सहायता राशि के लिए आवेदन करेंगे तो इस दौरान आपसे कुछ तथ्यों की पुष्टि की जाएगी। जैसे आवेदक का नाम उसके आधार कार्ड से मेल खाना चाहिए। इसके बाद आपका मोबाइल लोकेशन राज्य से बाहर होना चाहिए। और सबसे जरूरी आवेदक का बैंक विवरण झारखंड का होना चाहिए। 

एक सप्ताह के भीतर सहायता पहुचाने का है लक्ष्य

इसके अलावा आवेदक को अपना गृह जिला, पंचायत, आवेदक का नाम, पिता का नाम आधार संख्या, बैंक विवरण और वर्तमान में जिस राज्य एवं जिस जिले में फंसे हैं वहा के बारे में साथ ही साथ मोबाइल नंबर डालना होगा। जब आप इन सभी चीजों को पूरा कर लेते हैं तो फिर इसका सत्यापन आधार में दिए मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेज कर किया जाएगा। सत्यापन होने के बाद आपको आधार कार्ड की तस्वीर एवं सेल्फी को अपलोड़ करना होगा, इन सभी चीजों का जब वेरिफेकेशन हो जाएगा तो फिर एक सप्ताह के भीतर सहायता राशि आपको उपलब्ध करवा दिया जाएगा। जब राशि का भूगतान किया जाएगा तो आपको एसएमएस द्वारा सूचित भी किया जाएगा। 

(प्रतीकात्मक फोटो)