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Jharkhand: में नक्सलियों ने थाने के भवन को बम से उड़ाया, चेतावनी दी- प्रशांत बोस और शीला को छोड़ा जाए

एक करोड़ का कुख्यात नक्सली प्रशांत बोस और उनकी पत्नी शीला मरांडी को 12 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। इसी के विरोध में नक्सलियों (Naxalites) ने 3 दिवसीय बंद बुलाया था। अंतिम दिन गुमला में नक्सलियों उत्पात मचाया। जिले के कुरुमगढ़ थाना के नवनिर्मित भवन के एक हिस्से बम से उड़ा दिया है। नक्सलियों ने घटनास्थल के पास एक पर्चा भी छोड़ा है, जिसमें प्रशांत बोस (Prashant Bose) और शीला (Sheela) समेत अन्य कामरेडों की गिरफ्तारी का विरोध किया है।
 

Jharkhand Gumla Naxalites detonate bombs newly building Kurumgarh police station warned Prashant Bose and Sheela released UDT
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Gumla, First Published Nov 26, 2021, 1:11 PM IST
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गुमला। झारखंड (Jharkhand) के गुमला (Gumla) में नक्सलियों (Naxalites) ने एक बार दहशत फैलाने की कोशिश की है। यहां नक्सली बंदी के तीसरे और अंतिम दिन अति नक्सल प्रभावित चैनपुर प्रखंड के कुरुमगढ़ थाना के नवनिर्मित भवन को बम विस्फोट कर उड़ा दिया। नक्सलियों ने ये विस्फोट काफी दिनों बाद किया है। बता दें कि 15 लाख के इनामी बूढ़ेश्वर उरांव (Budheshwar Oraon) के मारे जाने के बाद नक्सली बौखलाए गए हैं। इसके साथ ही प्रशांत बोस और उसकी पत्नी शीला मरांडी की गिरफ्तारी से भी नक्सलियों में नाराजगी है।

बता दें कि प्रतिबंधित नक्सली संगठन (Naxalite Organization) भाकपा माओवादी (CPI Maoist) ने प्रशांत बोस उर्फ किशन दा और उनकी पत्नी शीला मरांडी की गिरफ्तारी के विरोध में झारखंड समेत बिहार, उत्तरी छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में 23 से 25 नवंबर तक बंद का ऐलान किया था। बंद के अंतिम दिन गुरुवार को नक्सलियों ने जिले में कुरुमगढ़ थाना के नवनिर्मित भवन को बम से उड़ा दिया। विस्फोट से भवन को आंशिक क्षति का अनुमान है। इसके बाद नक्सलियों ने घटनास्थल के पास एक पर्चा भी छोड़ा है, जिसमें पोलित ब्यूरो सदस्य ई-आर-बी सचिव किशन दा और नारी मुक्ति संघ की नेत्री शीला दी समेत अन्य कामरेडों की गिरफ्तारी का विरोध किया गया है और प्रतिशोध में इस तरह की कार्रवाई की बात कही है।

प्रशांत और उसकी पत्नी शीला को 12 नवंबर को गिरफ्तार किया था
पुलिस ने नक्सलियों के सेकेंड इन कमांड प्रशांत बोस और उसकी पत्नी शीला मरांडी को 12 नवंबर को सरायकेला से गिरफ्तार किया था। 70 से ज्यादा नक्सली वारदातों में शामिल प्रशांत माओवादियों का सबसे बुजुर्ग नेता है। प्रशांत बोस माओवादियों के ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो का सचिव भी है। प्रशांत बोस की पत्नी शीला मरांडी भी माओवादियों की शीर्ष सेंट्रल कमेटी की सदस्य है। वह माओवादियों के फ्रंटल आर्गेनाइजेशन नारी मुक्ति संघ की प्रमुख भी है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद विभिन्न जांच एजेंसियों ने 150 बार से ज्यादा पूछताछ की है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशांत को सरायकेला से रांची के होटवार जेल में शिफ्ट किया गया है। संगठन को डर है कि पुलिस इन दोनों से कुछ उगलवाने में सफल रहती है तो ये घातक सिद्ध होगा। दोनों संगठन के वरिष्ठ पद रह रहे हैं।

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