झारखंड में 29 जुलाई से शुरू हुए विधानसभा के मानसून सत्र में लगभग सभी दिन धरना और विरोध करने का दौर ही जारी रहा। जिसके कारण कई बार सदन की कार्यवाही रोकनी पड़ी, तो कभी भाजपा विधायकों को सस्पेंड कर दिया गया।

रांची (झारखंड). झारखंड विधानसभा में हंगामा करने और सदन के काम में बाधा डालने पर विस अध्यक्ष ने बीजेपी के चार विधायकों को निलंबित कर दिया था। गुरुवार को उन चारों विधायकों का निलंबन वापस ने लिया गया है। विधानसभा से निलंबित बीजेपी के विधायक भानु प्रताप शाही, ढुल्लू महतो, जय प्रकाश भाई पटेल, रणधीर सिंह का निलंबन वापस हो गया है। दरअसल गुरुवार को संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने सदन में निलंबन वापसी का प्रस्ताव रखा, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में निलंबन वापस लेने की घोषणा की। इसके बाद सत्र शुरू होने के 21 मिनट बाद ही इसे स्थगित कर दिया गया, क्योंकि भाजपा विधायक महिला पुलिस अधिकारी संध्या टोपनो को न्याय दिलाने की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। बता दे कि हाल ही में संध्या टोपनो को पशु तस्करों ने गाड़ी से रौंद दिया था भाजपा विधायक इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। भाजपा विधायक "संध्या के हत्यारों को फांसी दो","गौहत्या बन्द करो" जैसी नारेबाजी करते हुए सदन में घुस आए।

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विस अध्यक्ष के पैरों पर गिरे विधायक राज सिन्हा
वहीं इससे पहले बीजेपी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो के कक्ष के बाहर धरना दिया। धरना देने के दौरान बीजेपी विधायकों ने मुख्यमंत्री के इशारे पर सदन का संचालन करने का आरोप लगाया। बाद में विधानसभा अध्यक्ष के आश्वासन के बाद बीजेपी विधायक धरना से उठ कर सदन की कार्यवाही में भाग लेने पहुंचे। बातचीत के दौरान बीजेपी के विधायक राज सिन्हा विधानसभा अध्यक्ष के पैर पर गिर गए। 

स्पीकर ने चार विधायकों को किया था सस्पेंड
बता दें, बीते मंगलवार को सीएम हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग पर हंगामा कर रहे भाजपा के चार विधायकों को अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने अगले 4 अगस्त तक के लिए सदन से निलंबित कर दिया था। निलंबित किये गये विधायकों में भानु प्रताप शाही, ढुल्लू महतो, रणधीर सिंह और जेपी पटेल शामिल थे। इस दौरान स्पीकर ने भाजपा विधायकों को कहा था कि विरोध करिए, लेकिन आचरण ठीक रखिए, आसन आखिर कितना झुकेगा। 

टेबल पर बैठक गए थे राज सिन्हा 
इस पर सीपी सिंह ने कहा था कि – झुकने की जरुरत नहीं है, सबको सस्पेंड कर दीजिए। इस दौरान थोड़ी देर के लिए भाजपा विधायक राज सिन्हा विधानसभा सचिव के टेबल पर बैठ गए थे। प्रदीप यादव इसपर उखड़ गए, कहा कि सबको बाहर करिए। सत्तापक्ष ने भी नारेबाजी तेज कर दी। इस बीच सदन की कार्यवाही भी स्थगित हो गई थी।

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