मुर्गों से जुड़ीं ये दो कहानियां मीडिया की सुर्खियों में हैं। एक कहानी में मुर्गे की वजह से भतीजों ने चाचा को मार डाला। दूसरी में कड़कनाथ मुर्गे की लोकप्रियता IIFA अवार्ड पहुंच गई है। जानिए पूरा मामला... 

सिमडेगा, झारखंड. मुर्गों से जुड़ी ये दो कहानियां इन दिनों मीडिया की सुर्खियों में हैं। हालांकि एक सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़ी है, जबकि दूसरी मार्च में मध्य प्रदेश में होने जा रहे 'आईफा अवार्ड' से संबंधित है। आइए जानते हैं पहली कहानी...

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चाचा ने बिना पूछे पका डाला मुर्गा...
यह सनसनीखेज हत्याकांड झारखंड के सिमडेगा जिले के गिरदा ओपी का है। यहां भतीजों ने अपने चाचा को इस वजह से मार डाला, क्योंकि उसने बिना पूछे मुर्गा पकाकर खा लिया था। यह मुर्गा भतीजों का था। पुलिस के अनुसार, इंदर और प्रह्लाद नामक दो भाइयों ने एक मुर्गा पाल रखा था। इनके चाचा 55 वर्षीय पतिया सिंह ने बिना पूछा पकाकर खा लिया था। इसी बात पर भतीजे गुस्से में आ गए। उन्होंने धारदार हथियार से चाचा पर हमला कर दिया। बीचबचाव करने आईं चाची भागवती को भी भतीजों ने घायल कर दिया। घटना गुरुवार रात करीब 8 बजे की है।

आईफा में आने वाले मेहमानों को कड़कनाथ परोसने का सुझाव...
27-28 और 29 मार्च को इंदौर में आईफा अवार्ड का आयोजन होगा। 3 फरवरी को फिल्म अभिनेता सलमान खान और जैकलीन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ की मौजूदगी में इसकी औपचारिक घोषणा की थी। अब झाबुआ के कृषि विज्ञान केंद्र के कड़कनाथ अनुसंधान और उत्पादन परियोजना के डायरेक्टर ने आईएफा के मेहमानों को कड़कनाथ परोसने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि अगर झाबुआ की पहचान बन चुका कड़कनाथ मुर्गा और दाल-पानिया मेहमानों को परोसा जाए, तो इससे इन दोनों मशहूर व्यंजनों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। उल्लेखनीय है कि कड़कनाथ मुर्गा में फैट बहुत कम होता है। वहीं इसमें प्रोटीन और आयरन भरपूर होता है।