चाईबासा. झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में सर्च ऑपरेशन करने गई पुलिस टीम पर नक्सलियों ने चुपके से हमला कर दिया। जिसमें एक जवान और एक एसपीओ शहीद हो गए। जवाब में सुरक्षाबलों ने भी फायरिंग की, लेकिन नक्सली मौके से भाग निकले। 

एक कांस्टेबल और एक ऑफिसर हुए शहीद
दरअसल, पुलिस और नक्सलियों की यह मुठभेड़ रविवार को कराईकेला थाना क्षेत्र के जोनो गांव में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई थी। जिसमें चक्रधरपुर डीएसपी नाथू सिंह मीणा के बॉडीगार्ड लखिन्द्र मुंडा और  स्पेशल पुलिस ऑफिसर सुंदर स्वरूप महतो की मौत हो गई। 

नक्सली किसानों के घरों में छिपे थे
चाईबासा के एसपी इंद्रजीत महथा ने कांस्टेबल और ऑफिसर के शहीद होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा- नक्सली ग्रामीणों के घरों में छिपे थे। सर्च अभियान के दौरान ग्रामीणों से पूछताछ के दौरान उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। गांव को पुलिस ने घेर लिया गया है, सर्च ऑपरेशन अभी जारी है। उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के सदस्यों की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद एक टीम का गठन किया गया और हमने सर्च ऑपरेशन शुरु किया।

महिला और बच्चों की आड़ में नक्सलियों ने किया हमला
एसपी ने बताया कि नक्सलियों ने गांव की महिला और बच्चों की आड़ लेकर फायरिंग की है, जिसके कारण जवानों को नक्सलियों पर फायरिंग करने दिक्कत हुई। अधिकारी ने बताया कि पहली बार किसी गांव में घर से  नक्सलियों ने हमला किया है, हमने कभी सोचा नहीं था वह इतने भी गिर सकते हैं।