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Gardening Monsoon Tips: यह 5 काम नहीं किए तो बारिश में गार्डन बर्बाद हो जाएगा! मानसून हैक जान लें
Common Monsoon Gardening Mistakes to Avoid: मानसून आपके गार्डन के लिए वरदान भी हो सकता है और परेशानी भी। अगर आप ड्रेनेज का ध्यान रखें, समय पर छंटाई करें, जरूरत से ज्यादा खाद न डालें तो आपके पौधों को बारिश के नुकसान से बचा सकती है।

Gardening Monsoon Tips: यह 5 काम नहीं किए तो बारिश में गार्डन बर्बाद हो जाएगा! मानसून हैक जान लें
बारिश का मौसम पौधों के लिए जितना फायदेमंद माना जाता है, उतना ही नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। लगातार बारिश, जरूरत से ज्यादा नमी और पानी का जमाव कई बार पौधों की जड़ों को सड़ा देता है। इसके अलावा फंगस, कीड़े और पत्तियों का गलना भी मानसून में आम समस्या बन जाती है। कई लोग सोचते हैं कि बारिश हो रही है, इसलिए अब पौधों की देखभाल की जरूरत नहीं है, जबकि सच यह है कि मानसून में गार्डन को सबसे ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है। अगर आप चाहते हैं कि बारिश के बाद भी आपका गार्डन हरा-भरा और खूबसूरत बना रहे, तो ये 5 जरूरी मानसून हैक्स जरूर अपनाएं।

गमलों में पानी जमा न होने दें
मानसून में सबसे बड़ी गलती गमलों में पानी जमा रहने देना है। जब पानी लंबे समय तक जड़ों के आसपास रहता है, तो ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और जड़ें सड़ने लगती हैं। इसलिए हर गमले के ड्रेनेज होल की जांच करें और जरूरत पड़ने पर उन्हें साफ करें। अगर भारी बारिश हो रही है, तो गमलों को थोड़ी ऊंचाई पर ईंट या प्लांट स्टैंड पर रखें, ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल जाए।
फंगस और कीड़ों से समय रहते बचाव करें
बारिश के मौसम में नमी बढ़ने के कारण फफूंदी, मिलीबग, घोंघे और स्लग जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। पौधों की पत्तियों के नीचे नियमित रूप से जांच करें। यदि किसी पत्ती पर सफेद फंगस, काले धब्बे या कीड़ों के निशान दिखाई दें, तो प्रभावित पत्तियों को तुरंत हटा दें। जरूरत पड़ने पर बागवानी के लिए यूजफुल फंगीसाइड या सेफ जैविक उपायों का इस्तेमाल करें।
बारिश में भी पौधों की छंटाई करें
सूखी, पीली और फंगस लगी पत्तियां मानसून में तेजी से संक्रमण फैलाती हैं। इसलिए सप्ताह में एक बार पौधों की हल्की प्रूनिंग जरूर करें। इससे हवा का प्रवाह बेहतर रहता है और नई शाखाओं की ग्रोथ भी तेज होती है। गुलाब, गुड़हल, मोगरा और टमाटर जैसे पौधों में यह तरीका खासतौर पर फायदेमंद होता है।
बारिश में जरूरत से ज्यादा खाद न डालें
कई लोग मानसून में बार-बार खाद डाल देते हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण पोषक तत्व बह सकते हैं और कुछ खाद पौधों की जड़ों पर उल्टा असर भी डाल सकती हैं। अगर खाद डालनी हो, तो मौसम साफ होने के बाद सीमित मात्रा में दें। कम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद का उपयोग करें और गीली मिट्टी में ज्यादा उर्वरक डालने से बचें।
लंबे पौधों को सहारा देना न भूलें
तेज हवा और बारिश में बड़े पौधे, बेलें और ऊंचे फूलदार पौधे आसानी से झुक सकते हैं या टूट सकते हैं। ऐसे पौधों को मजबूत बांस की डंडी, गार्डन स्टेक या प्लांट सपोर्ट से बांध दें। इससे पौधे सीधे रहेंगे और उनकी शाखाएं टूटने से बचेंगी। टमाटर, मिर्च, बोगनवेलिया और क्लाइंबर प्लांट्स के लिए यह तरीका बेहद जरूरी है।
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