Purning Guide: अक्सर हमारे मन में सवाल होता है कि अगर पौधे की छंटाई कर दी, तो ये खराब तो नहीं हो जाएगा? क्या ये फिर से उतना ग्रो कर पाएगा? तो जवाब है कि पौधों की छंटाई जरूर करनी चाहिए। इससे ग्रोथ तेजी से होता है।

Plant Purning Tips: प्लांट की कटिंग ठीक वैसे ही जैसे हम बालों को टाइम टू टाइम कट कराते रहते हैं, ताकि ये हेल्दी और शेप में रहें। अगर आप भी प्लांटिंग के शौकीन रखते हैं, तो फिर गार्डनिंग शीयर और कैंची का कैसे प्लांट पर इस्तेमाल करना है, इसकी थोड़ी समझ होनी चाहिए। इसके साथ यह भी समझें कि पौधों को काटने से कोई नुकसान नहीं बल्कि ग्रोथ होता है। तो चलिए बताते हैं, प्लांट की छंटाई के फायदे और इसे कब करना चाहिए।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

प्रूनिंग कब करना चाहिए और इसके फायदे

बसंत (Spring) और गर्मी (Summer) के मौसम में प्रूनिंग करना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस समय पौधे तेजी से बढ़ते हैं। प्रूनिंग से नई और घनी ग्रोथ को बढ़ावा मिलता है। पीली या सूखी पत्तियां हट जाती है। जिससे प्लांट हेल्दी नजर आता है। आप प्लांट को मनचाहा साइज और लुक दे सकते हैं।

कुछ पौधों में प्रूनिंग करते वक्त सावधानी रखनी चाहिए

हालांकि, कुछ पौधों में सावधानी जरूरी होती है, जैसे पाम्स और ट्री फर्न्स। इनमें आप केवल सूखी पत्तियां हटा सकते हैं, ऊपर से कटिंग नहीं करनी चाहिए, वरना पौधा मर सकता है।

पीली या भूरे रंग की पत्तियां हटाना क्यों जरूरी है?

पीली या सूखी पत्तियों को हटाना बेहद आसान और जरूरी काम है। ऐसी पत्तियां कीटों को आकर्षित करती हैं। इससे पौधे बीमार और मरे हुए नजर आते हैं।

पीली पत्तियों को कैसे हटाएं 

जब पत्ती पीली हो रही हो, तो उसे पूरी तरह पीला होने दें। इस दौरान पौधा पत्ती से बचा हुआ पोषण सोख लेता है। इसके बाद पत्ती आसानी से बिना जोर लगाए निकल जाती है। जो पत्तियां भूरी और सूखी हो जाती हैं, उन्हें भी हटाने से पौधे को कोई नुकसान नहीं होता।

सीजनल प्रूनिंग बनाम डेली प्रूनिंग

कुछ प्रूनिंग के काम मौसम के हिसाब से करने चाहिए। अगर ज्यादा मात्रा में कटिंग करनी है, या फिर बड़ी टहनियों या शाखाओं को हटाना हो, या फिर प्लांट का शेप बदलना हो, तो छंटाई बसंत या फिर गर्मी में करें। ध्यान रखें, एक बार में पौधे की 25% से ज्यादा पत्तियां न हटाएं। सर्दी और पतझड़ में प्लांट की कटिंग नहीं करनी चाहिए। इससे प्लांट का ग्रोथ धीमी होती है।

रेगुलर छंटाई

जब प्लांट से पीली या सूखी पत्तियां हटाना हो, तो फिर इसे किसी भी वक्त कर सकेत हैं। हल्की ट्रिमिंग करनी हो तो भी आप कोई भी मौसम चुन सकते हैं। बेल या टहनियां काटना हो, तो भी आप कोई भी सही वक्त चुन सकते हैं। इंडोर प्लांट की प्रूनिंग आप रेगुलर कर सकते हैं।

कटिंग का सही तरीका

अगर आप ऊपर की ग्रोथ काटते हैं, तो पौधा साइड से नई शाखाएं निकालने लगता है। इससे आप पौधे की ग्रोथ को अपने घर के स्पेस के अनुसार कंट्रोल कर सकते हैं। पौथोस, फिलोडेंड्रोन जैसे बेल वाले पौधों में नियमित प्रूनिंग जरूरी होती है। इससे पौधा लंबा लेकिन खाली-खाली नहीं दिखता। इनका आप पत्ती के ठीक नीचे से कटिंग करें। नई ग्रोथ को उंगलियों से हल्का पिंच करें। इससे एक ही बेल से कई नई बेलें निकलती हैं।

और पढ़ें: 1 बार लगाएं और 25 साल फल खाएं, गमले में लगाएं ये महंगी चाइनीज फ्रूट

कटिंग से नए पौधे उगाना (Propagation)

प्रूनिंग के बाद कटे हुए हिस्सों को फेंकने की जरूरत नहीं है। इन्हें पानी या मिट्टी में लगाकर नया पौधा उगाया जा सकता है सेंसिवेरिया, ZZ प्लांट, होया, पोथोस, मॉन्स्टेरा जैसे पौधे आसानी से उग जाते हैं । बेल वाले पौधों में नोड (Node) के नीचे से कटिंग करें और पानी या मिट्टी में लगाएं। कुछ समय में जड़ें निकलने लगेंगी।

इसे भी पढ़ें:Houseplants Care Tips: पौधे में उग रहा फंगस नुकसानदेह है या फायदेमंद? जानें पूरा सच