9 Carat Gold Jewellery: अब 9 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी पर भी मिलेगा हॉलमार्क। जानिए कम कीमत में सोने के गहनों को खरीदने, पहचानने और सही तरीके से रखने के फायदे और तरीके।

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भारत में गोल्ड प्रोडक्शन
कर्नाटक राज्य में कोलार और हट्टी में सोने की प्रमुख खदानें हैं। देश के कुल सोने का लगभग 80% कर्नाटक उत्पादन करता है।

सोने के बढ़ते दाम के कारण हर किसी के लिए सोने के आभूषण या गहने खरीद पाना आज के समय में आसान नहीं है। ज्यादातर लोग गोल्ड के ऑप्शन के तौर पर गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी खरीदना पसंद करते हैं। अब आप ऑर्टिफिशियल ज्वेलरी का चक्कर छोड़ कम दाम में ही गोल्ड के आभूषण खरीद सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने 9 कैरेट की ज्वेलरी पर हॉलमार्क को जरूरी कर दिया है। अब आप बिना किसी डर के सस्ते दामों में भी गोल्ड की ज्वेलरी पहन सकती हैं और उसकी विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े नहीं होंगे।

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9 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी में होगा हॉलमार्क

अब तक 24K, 23K, 22K, 20K, 18K और 14 कैरेट तक गोल्ड से बनी ज्वेलरी पर ही हॉलमार्क था लेकिन अब आपको 9 कैरेट गोल्ड की ज्वेलरी भी हॉलमार्क मिलेगा। सभी ज्वेलर्स और हॉलमार्किंग सेंटरों को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नए नियमों का पालन करना होगा। हॉलमार्क की मदद से सोने की शुद्धता की सही जानकारी मिलती है। यानी की 9 कैरेट के खरीदे गहने भी आप सही कीमत पर वापस बेच सकेंगे। आईए जानते हैं इस बारे में अधिक जानकारी।

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9 कैरेट गोल्ड में हॉलमार्क के क्या होंगे फायदे?

  1. 9 कैरेट की गोल्ड ज्वेलरी में हॉलमार्क से मिडिल क्लास को बहुत ज्यादा फायदा होगा। 9 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी की कीमत 24 या 22 कैरेट से बेहद कम होती है। इस कारण से आम लोग कम कीमत में 9 कैरेट ज्वेलरी आसानी से खरीद सकेंगे और साथ ही लोगों को सस्ता और विश्वसनीय विकल्प मिल जाएगा।
  2. हॉलमार्क शुद्धता की गारंटी होती है। हॉलमार्क से 9 कैरेट गोल्ड की 37.5% शुद्धता पता चलेगी। इस कारण से ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ जाएगा। 9 कैरेट में अभी तक हॉलमार्क नहीं था तो लोगों का विश्वास भी कम था।अब लोगों को गोल्ड परसेंट के बारे में सही जानकारी मिलेगी।
  3. हॉलमार्क लगने पर क्वालिटी कंट्रोल होगा और ज्वेलर्स को BIS के नियमों का पालन करना पड़ेगा।

9 कैरेट ज्वेलरी क्या जल्दी पड़ जाती है काली?

9 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी का अगर रखरखाव ठीक तरह से न किया जाए तो वह काली भी पड़ सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ज्वेलरी में 37.5% तक सोना होता है और 62.5% तक अन्य मेटल जैसे कि जस्ता, तांबा और चांदी का इस्तेमाल किया जाता है। यह सभी धातुएं तेजी से हवा नमी, केमिकल्स के संपर्क में आने पर ऑक्सिडाइज हो जाती हैं। इस कारण इनका रंग काला पड़ जाता है। आपको गहनों को साबुन के पानी से साफ करना चाहिए और मुलायम कपड़े में रखना चाहिए। साथ ही इन्हें परफ्यूम या हेयर स्प्रे आदि केमिकल्स से दूर रखें। ज्वेलरी को सावधानी से पहनेंगी तो ये प्योर सोने जितना चमकेंगी।

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