Nita Ambani Magenta Silk Saree: नवरात्रि से पहले अंबानी परिवार ने स्वदेश इरोस की पहली सालगिरह पर 'देवी शक्ति' इवेंट का आयोजन किया। इस शानदार पार्टी में बॉलीवुड के कई बड़े सितारे पहुंचे। यहां भारतीय कारीगरों और उनकी पारंपरिक कला का सम्मान किया गया।
Nita Ambani Saree Look: नवरात्रि से पहले अंबानी परिवार ने भारतीय संस्कृति, पारंपरिक कलाओं और देवी शक्ति के सम्मान में एक खास शाम का आयोजन किया। मौका था 'स्वदेश इरोस' (Swadesh Eros) की पहली सालगिरह का, जिसे रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने शनिवार शाम होस्ट किया। इस खास आयोजन में बॉलीवुड के कई बड़े सितारे पहुंचे। वहीं, नीता अंबानी के पारंपरिक लुक ने भी सबका ध्यान खींचा।
नीता अंबानी की सिल्क साड़ी ने लूटी महफिल
इस खास शाम के लिए नीता अंबानी ने मजेंटा-पिंक रंग की खूबसूरत सिल्क साड़ी चुनी। साड़ी पर सुनहरी जरी का बारीक काम और शानदार बॉर्डर था, जिसने उनके लुक को शाही अंदाज दिया। उन्होंने इसे हैवी ब्लाउज, आकर्षक जूलरी, खूबसूरत ईयररिंग्स और बिंदी के साथ स्टाइल किया। उनका पारंपरिक अंदाज त्योहारों के लिए एथनिक फैशन की शानदार मिसाल बना।
ब्लैक बंदगला में दिखे मुकेश अंबानी
इवेंट में मुकेश अंबानी भी क्लासिक अंदाज में नजर आए। उन्होंने ब्लैक बंदगला सूट पहना था, जिसके साथ पिंक पॉकेट स्क्वायर उनके लुक में खास रंग जोड़ रहा था। इस मौके पर पूरा अंबानी परिवार एक साथ दिखाई दिया। आकाश अंबानी, अनंत अंबानी, श्लोका मेहता और राधिका मर्चेंट भी इस जश्न का हिस्सा बने।
बॉलीवुड सितारों से सजी 'देवी शक्ति' की शाम
स्वदेश इरोस की पहली सालगिरह के मौके पर बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की। मेहमानों में रणवीर सिंह, कृति सेनन, आमिर खान, रश्मिका मंदाना, अदिति राव हैदरी, जैकलीन फर्नांडिस, जैकी श्रॉफ, शनाया कपूर, सारा अली खान, संजय दत्त, मनीष मल्होत्रा और गौरी खान शामिल रहे।
इस आयोजन में सितारों के पारंपरिक परिधानों ने भी खूब ध्यान खींचा। साड़ियों से लेकर कढ़ाईदार एथनिक कपड़ों तक, मेहमानों के लुक में भारतीय वस्त्र कला और पारंपरिक शिल्प की झलक देखने को मिली।
भारतीय कारीगरों के हुनर को किया सलाम
'देवी शक्ति' आयोजन का उद्देश्य नवरात्रि के महत्व के साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और शिल्प परंपराओं का उत्सव मनाना था। स्वदेश इरोस के एक साल पूरे होने पर उन कारीगरों के योगदान को सम्मान दिया गया, जो अपने हुनर और मेहनत से देश की पारंपरिक कलाओं को आगे बढ़ा रहे हैं।
इस कार्यक्रम ने भारतीय हस्तशिल्प को पहचान दिलाने और पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के महत्व को भी सामने रखा।
कालीघाट पेंटिंग से कलमकारी तक, लाइव दिखीं पारंपरिक कलाएं
इस खास आयोजन में मेहमानों को भारत की चुनिंदा पारंपरिक कलाओं को करीब से देखने का अवसर मिला। यहां कालीघाट पेंटिंग, कलमकारी और आशावली बुनाई का लाइव प्रदर्शन किया गया। इन प्रस्तुतियों के जरिए कारीगरों ने दिखाया कि पारंपरिक शिल्प में कितनी बारीकी, धैर्य और रचनात्मकता की जरूरत होती है।
कार्यक्रम में लिमिटेड-एडिशन कलमकारी का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। इन कलात्मक प्रस्तुतियों ने भारत की सदियों पुरानी शिल्प परंपराओं की खूबसूरती को सामने रखा।
भारतीय विरासत को वैश्विक पहचान देने की पहल
स्वदेश इरोस की पहली सालगिरह का यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय कारीगरों, वस्त्र कला और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने का अवसर भी रहा। 'देवी शक्ति' की थीम ने त्योहारों की भावना को पारंपरिक शिल्प के साथ जोड़ा। इस पहल के जरिए भारतीय कला और कारीगरी को नई पहचान दिलाने के प्रयासों को भी रेखांकित किया गया।
