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काम में फोकस और ग्रोथ नहीं हो रहा? वजह नहीं, आपकी ये 5 डेली रूटीन गलत है
Daily Routines For Productivity: काम में फोकस और ग्रोथ नहीं हो रही? वजह आपकी मेहनत नहीं, बल्कि गलत रूटीन हो सकती है। जानें बिना प्लान दिन शुरू करना, मल्टीटास्किंग, गलत ब्रेक और डेली रिव्यू न करने जैसी कुछ आदतें कैसे आपकी प्रोडक्टिविटी कम कर रही हैं।

कई बार हम मेहनत बहुत करते हैं, लेकिन रिजल्ट वैसा नहीं मिलते जैसी उम्मीद होती है। इसका कारण अक्सर हमारी क्षमता नहीं, बल्कि गलत डेली रूटीन होता है। सुबह से रात तक भागदौड़, नोटिफिकेशन की बाढ़ और बिना प्लान के काम करने से प्रोडक्टिविटी धीरे-धीरे गिरने लगती है। अगर आपको भी लगता है कि काम में फोकस नहीं बन पा रहा और ग्रोथ अटकी हुई है, तो समय है अपनी रोजमर्रा की आदतों पर नजर डालने का। नीचे बताए गए पॉइंट्स आपको समझाएंगे कि किन रूटीन की वजह से आपका परफॉर्मेंस इफैक्ट हो रहा है और इन्हें कैसे सुधारा जा सकता है।
दिन के अंत में रिव्यू न करना
अगर आप दिन खत्म होने पर यह नहीं देखते कि क्या सही हुआ और क्या नहीं, तो वही गलतियां दोहराते रहते हैं। 5 मिनट का डेली रिव्यू आपको अपनी प्रोग्रेस समझने और अगले दिन बेहतर प्लान बनाने में मदद करता है। यही आदत लंबे समय में ग्रोथ का रास्ता खोलती है।
ब्रेक न लेना या गलत तरीके से ब्रेक लेना
लगातार घंटों काम करना आपको आगे नहीं, बल्कि पीछे ले जाता है। बिना ब्रेक के काम करने से मेंटल फॉग, स्ट्रेस और बर्नआउट बढ़ता है। वहीं, ब्रेक के नाम पर सोशल मीडिया स्क्रॉल करना दिमाग को और थकाता है। हर 60-90 मिनट में छोटा ब्रेक लें-थोड़ा चलें, पानी पिएं या थोड़ी देर की नींद लें।
मल्टीटास्किंग को स्मार्ट समझ लेना
एक साथ कई काम करना प्रोडक्टिव नहीं बल्कि थकाने वाला होता है। रिसर्च बताती है कि मल्टीटास्किंग से काम की क्वालिटी और स्पीड दोनों गिरती हैं। बार-बार टास्क बदलने से दिमाग जल्दी थकता है और गलतियों की संभावना बढ़ जाती है। बेहतर है कि एक समय में एक काम करें और उसे पूरा करके ही अगला काम शुरू करें।
दिन की शुरुआत बिना क्लियर प्लान के करना
दिन की शुरुआत अगर मोबाइल स्क्रॉल या ईमेल चेक करने से होती है, तो दिमाग पहले ही डिस्टर्ब हो जाता है। बिना यह तय किए कि आज सबसे जरूरी काम कौन-सा है, आप पूरे दिन रिएक्टिव मोड में रहते हैं। इससे न तो काम समय पर पूरा होता है और न ही सेटिसफैक्शन मिलती है। हर सुबह 5 मिनट निकालकर टॉप 3 प्रायोरिटी लिखना फोकस बढ़ाने में मदद करता है।