National Handloom Day 2026: हैंडलूम डे पर जानें बनारसी से मुगा सिल्क तक, भारत के 20 सबसे प्रसिद्ध हैंडलूम फैब्रिक और उनकी देखभाल के आसान तरीके
भारत के हर राज्य की अपनी अलग पहचान है। नेचुरल ब्यूटी से टेक्सटाइल तक सब खास है। बनारस की शाही सिल्क साड़ी हो, तमिलनाडु की कांचीपुरम या फिर असम की मुहा सिल्क। हर कला की अलग बुनाई और अंदाज है। इसी क्रम में आज यानी राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (Happy Handloom Day) के मौके पर जानिए, विश्व प्रसिद्ध 20 भारतीय फैब्रिक की लिस्ट और उनकी देखभाल के आसान तरीकों के बारे में।
भारत के प्रसिद्ध हैंडलूम फैब्रिक
बनारसी सिल्क, उत्तर प्रदेश
बनारसी साड़ी दुनिया में शाही डिजाइन के लिए जानी जाती है। मुगल कला से प्रेरित बेल, जाल, फूलों और जरी का काम बहुत खास होता है।
रखरखाव का तरीका
- धोने की बजय ड्राई क्लीन कराएं
- प्लास्टिक बैग में स्टोन न करें
- मलमल के कपड़े पर रखें
- 3-4 महीने में फोल्ड चेंज करें।
2) कांचीपुरम सिल्क, तमिलनाडु
इसे क्वीन ऑफ सिल्क कहा जाता है। भारी सिल्क और चौड़े बॉर्डर के कारण यह दुनिया भर में मशहूर है।
देखभाल
- कांचीवरम को भी धूप में न सुखाएं
- टिश्यू पेपर के साथ फोल्डर करें
- हैंगर पर लंबे समय तक तांग कर न रखें
3) पैठणी, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र की पैठणी साड़ी महिलाओं की पसंदीदा है। मोर, कमल और रंग-बिरंगे पल्लू वाली डिजाइन अलग से खिलती है।
केयर टिप्स
- हार्ड साबुन की बजाय माइल्ड शैंपू से वॉश करें
- निचोड़ने की बजाय तोलिए से पानी सोखें
- धूप नहीं छांव में सुखाएं
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4) बालूचारी, पश्चिम बंगाल
आर्ट से निकलकर बालूचारी ने फैशन की दुनिया में प्रसिद्ध है। इस फैब्रिक पर रामायण-महाराभारत की कहानियां पल्लू पर बुनी जाती हैं।
देखभाल के टिप्स
- कम तामपान में उल्टी तरफ से प्रेस करें
- ज्यादा तेज रगड़ खराब कर सकती है
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5) मैसूर सिल्क, कर्नाटक
अन्य सिल्क साड़ियों की तुलना में यह बहुत ज्यादा हल्की होती है। साथ ही इसकी चमक हमेशा नई जैसी रहती है।
देखभाल कैसे करें ?
- आम दिनों में माइल्ड साबुन से धुलें
- छांव में सुखाएं
- तेल या दाग हटाने के लिए टैलक्म पाउडर इस्तेमाल करें
- बाद में ड्राई क्लीन कराएं
6) पटोला फैब्रिक, गुजरात
शाही और भव्य डिजाइन के लिए प्रसिद्ध। दुनिया की सबसे मुश्लिक बुनाई में से एक मानी जाती है।
कैसे रखें ?
- धुलने की बजाय ड्राई क्लीन कराएं
- बेसिक हैंगर की बजाय मलमल के कपड़े में स्टोर करें
7) राजकोट पटोला
यह गुजराती पटोला के मुकाबले बहुत हल्की और किफायती होती है।
कैसे ध्यान रखें ?
- धूप से बचाएं
- हल्के हाथों से प्रेस कर स्टोर करें
8) संबलपुरी इकत फैब्रिक, ओडिशा
ओडिश का फेमस संबलपुरी इकत फैब्रिक, शंख-चक्र और फूलों की डिजाइन के लिए प्रसिद्ध है।
देखभाल
- धोने के लिए नमक के पानी का इस्तेमाल करें
- सिल्क संबलपुरी साड़ी को ड्राई क्लीन कराना बेस्ट है
9) पोचमपल्ली इकत, तेलंगाना
तेलंगाना GI टैग और प्रसिद्ध हैंडलूम साड़ियों में से एक पोचमपल्ली इकत ज्यामितीय डिजाइन के लिए जानी जाती है।
देखभाल करने का आसान तरीका
- पोचमपल्ली पर सीधे परफ्यूम न लगाएं
- समय-समय पर ड्राई क्लीन कराते रहें
10) मगा सिल्क, असम
यह दुनिया की इकलौती साड़ी है, जिसमें प्राकृतिक गोल्डन कलर होता है।
खास बात
- धुलने के बाद यह सुंदर लगती है
- समय के साथ चमक बढ़ती जाती है
11) एरी सिल्क, पूर्वोत्तर राज्य
इसे पीस सिल्क के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इसे बनाने में रेशम के कीड़ों को नहीं मारा जाता।
केयर टिप्स
- ठंडे पानी से क्लीन करें
- मशीन की बजाय हल्के हाथों से धुलें
12) तसर सिल्क, झारखंड और बिहार
तसर सिल्क का उत्पादन मुख्यता झारखंड और बिहार होता है। यह फैब्रिक अपने नायाब डिजाइन के लिए जाना जाता है।
देखभाल
- धोने से पहले पानी में मत भिगोएं
- घर की बजाय ड्राई क्लीन का विकल्प चुनें
13) चंदेरी, मध्य प्रदेश
चंदेरी साड़ी की खासियत उसका हल्कापन है। साथ में पारदर्शी बनावट और छोटी-छोटी डिजाइन इसे खास बनाती है।
देखभाल
- चंदेरी फैब्रिक को हैवी गहने नुकसान पहुंचाते हैं
- पहनते वक्त ज्वेलरी का ध्यान रखें
- टांगने की बजाय कागज में लपेटकर स्टोर करें
14) जामदानी, पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल की प्रसिद्ध जामदानी साड़ी दूर से चमकती हैं। इसमें बड़े-बड़े धागों की बजाय बेहद महीन बुनाई होती है, जिस कारण बनाने में लंबा वक्त लगता है।
कैसे संभालें ?
- किसी अन्य कपड़े के साथ धुलने की गलत न करें
- धोते समय पानी में थोड़ा सा स्टार्च मिलाएं
15) गढ़वाल
गढ़वाल फैब्रिक से साड़िया ज्यादा बनाई जाती है। आप कॉटन बॉडी, सिल्क वाली साड़ी संग इसे खरीद सकते हैं.
ध्यान कैसे रखें ?
- ड्राई क्लीन बेहतर
- घर पर धुलते समय हार्ड साबुन का इस्तेमाल मत करें
- उल्टाकर हल्के हाथों से प्रेस करें
16) कोटा डोरिया, राजस्थान
राजस्थान की भव्य कला और विरासत को पेश करने वाला कोटा डोरिया फैब्रिक, चौकोर डिजाइन के लिए जाना जाता है, जिसे आम भाषा में खट कहते हैं।
देखभाल कैसे करें ?
- धोते वक्त स्टार्च का इस्तेमाल करें
- सूखने की बजा हल्का गीले पर प्रेस करें
- कागज या सूती फैब्रिक में पैक करके रखें
17) कलमकारी, आंध्र प्रदेश
कलमकारी, दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश से आती है। इसमें, रेशमी या सूती कपड़ों पर ब्लॉक प्रिटिंग का काम होता है। खास बात है कि इसमें किसी भी तरह के कैमिकल बेस्ड कलर का इस्तेमाल नहीं होता, ये पूरी तरह से प्राकृतिक रंगों पर बनाया जाता है।
केयर टिप्स
- पहली बार पहनने के बाद ड्राई क्लीन कराएं
- घर में धुल रहे हैं तो हल्के शैंपू का यूज करें
- धूप में सुखाने की गलती न करें
18) बांधनी, राजस्थान-गुजरात
भारत और दुनियाभर में बांधनी फैब्रिक अलग पहचान रखता है। यह टाई-कला है, जिसकी मदद से तमाम रंग के दुपट्टे, शर्ट और साड़ियों तैयार की जाती हैं।
केयर टिप्स
- घर पर धुल सकते हैं
- ज्यादा पानी में मत रखें
- मरोड़कर बिल्कुल न निचोड़ें
- हल्के हाथों से साफ करें
19) पश्मीना
पशमीना फैब्रिक देश ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे महंगे कपड़ों में से एक है। इसे लद्दाख में पाई जाने वाली बकरी के महीन ऊन से तैयार किया जाता है। यह दिखने में रॉयल और भव्य लगते हैं।
स्टोर करने का तरीका
- पश्मीना साड़ी के बीच नीम की पत्तियां रखें
- नैप्थलीन बॉल का इस्तेमाल बिल्कुल न रखें
- जरूरत पड़ने पर ड्राई क्लीन कराएं
20) खादी
भारत में आम घरों में खादी कपड़े बहुत पसंद किए जाते हैं। इसके धागे हाथ से बने चरखे से तैयार किए जाते हैं। यह गर्मियों में ठंडा और सर्दियों में गर्माता है
केयर टिप्स
- धोने के लिए ठंडे पानी में नमक मिलाएं
- माइल्ड लिक्विड डिटर्जेंट का यूज करें
- खादी कभी तेज धूप में न सुखाएं
