क्या अलग रहना प्यार बढ़ाता है? एक नए अध्ययन में पाया गया है कि 60 साल से ज़्यादा उम्र के कपल्स के लिए अलग घरों में रहना ज़्यादा फायदेमंद हो सकता है, रिश्ते मज़बूत होते हैं और मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।

'दूरियां बढ़ाती हैं नज़दीकियां' - ऐसा कभी-कभी कहा जाता है। पार्टनर और प्रेमी-प्रेमिका अक्सर साथ रहना चाहते हैं, हर पल एक-दूसरे के साथ बिताना चाहते हैं। लेकिन, आजकल एक नया चलन देखने को मिल रहा है - 'अलग रहना'। कुछ लोग मानते हैं कि रिश्ते में रहते हुए अलग रहने से प्यार और गहरा होता है। इसे 'लिविंग अपार्ट टुगेदर' (LAT) कहते हैं।

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अब एक अध्ययन में पाया गया है कि 60 साल से ज़्यादा उम्र के कपल्स के लिए अलग रहना फायदेमंद हो सकता है। लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के साझा अध्ययन में यह बात सामने आई है। इस अध्ययन के मुताबिक, बुज़ुर्ग दंपतियों की ख़ुशी के लिए अलग-अलग घरों में रहना बेहतर है।

ब्रिटिश यूनिवर्सिटी की एक प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि तलाक से मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, लेकिन 60 साल से ज़्यादा उम्र के कपल्स के लिए अलग-अलग घरों में रहना फायदेमंद हो सकता है।

इस अध्ययन के अनुसार, एक साथ रहने की तुलना में अलग रहकर रिश्ते ज़्यादा मज़बूत होते हैं। एक ही घर में रहना कई बार सामाजिक दबाव का नतीजा होता है, न कि आज़ादी या अपनी मर्ज़ी से लिया गया फ़ैसला।

लेकिन, रिश्ते में रहते हुए अलग रहना दोनों की अपनी मर्ज़ी का फ़ैसला होता है। इस फ़ैसले और आपसी समझ की वजह से कपल्स के बीच सच्चा प्यार पनपता है। साथ ही, तलाकशुदा कपल्स की तुलना में इनके मानसिक स्वास्थ्य पर कम असर पड़ता है।