Teachers day 2023 speech in Hindi: 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। ऐसे में अगर स्टूडेंट्स को स्कूल में स्पीच देनी है, तो वह इन लाइन से इंस्पिरेशन ले सकते हैं।

टीचर्स डे स्पीच: 5 सितंबर 1888 को डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था, उन्हीं के सम्मान में हर साल पूरे देश में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। वह देश के महान विचारक, दार्शनिक और देश के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे। उनके जन्मदिवस के मौके पर स्कूलों, कॉलेजों में इस दिन कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। ऐसे में शिक्षक दिवस के मौके पर अगर बच्चों को स्पीच कंपटीशन में हिस्सा लेना है या फिर कोई भाषण देना है तो वह इन लाइन से आइडिया लेकर अपने टीचर्स डे की स्पीच को तैयार कर सकते हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कोट्स या श्लोक से करें भाषण की शुरुआत

टीचर्स डे के भाषण की शुरुआत आप किसी कोटेशन या फिर किसी संस्कृत श्लोक से कर सकते हैं। आप इन लाइंस को भाषण की शुरुआत में बोल सकते हैं-

1.गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात्‌ परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥

2. विद्वत्त्वं दक्षता शीलं सङ्कान्तिरनुशीलनम्। शिक्षकस्य गुणाः सप्त सचेतस्त्वं प्रसन्नता॥

3. गुरु पारस को अन्तरो, जानत हैं सब सन्त। वह लोहा कंचन करे, ये करि लये महन्त।।

4. गुरु की महिमा निशि-दिन गाएं, हर दम उनको शीश नवाएं। जीवन में उजियारा भर लें, अंधकार को मार भगाएं।

5. गुरू बिन ज्ञान न उपजई, गुरू बिन मलई न मोश। गुरू बिन लाखाई ना सत्य को, गुरू बिन मिटे ना दोष।।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर डाले प्रकाश

टीचर्स डे पर अगर आप भाषण दे रहे हैं, तो अपने भाषण की शुरुआत आप डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डालकर कर सकते हैं। उनका जन्म 5 सिंतबर 1888 को हुआ था। 1952 से 1962 तक उन्होंने देश के पहले उपराष्ट्रपति और 1962 से 1967 तक देश के दूसरे राष्ट्रपति के तौर पर देश की सेवा की। इससे पहले वह एक दार्शनिक थे। उन्होंने भारत ही नहीं विदेश में भी कई यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर काम किया और एक शिक्षक के तौर पर उन्हें जाना जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए ही 5 सितंबर को हर साल शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस स्पीच

सभी को सुप्रभात,

आज, हम यहां शिक्षक दिवस मनाने के लिए एकत्र हुए हैं। यह हमारे जीवन की मार्गदर्शक रोशनी, हमारे शिक्षकों के प्रति हमारी कृतज्ञता और प्रशंसा व्यक्त करने के लिए समर्पित दिन है।

शिक्षकों को अक्सर हमारे भविष्य का निर्माता कहा जाता है, और यह सही भी है। वे न केवल हमारे शैक्षणिक ज्ञान बल्कि हमारे चरित्र, मूल्यों और जीवन के प्रति दृष्टिकोण को भी आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस शिक्षक दिवस पर, आइए हम एक पल रुकें और विचार करें कि शिक्षकों ने हमारे जीवन पर कितना गहरा प्रभाव डाला है।

शिक्षक सिर्फ शिक्षक नहीं हैं; वे गुरु, आदर्श और मित्र हैं। उनमें हमें प्रेरित करने, हमारे अंदर जिज्ञासा की चिंगारी जगाने और हमें अपनी पूरी क्षमता हासिल करने के लिए प्रेरित करने की शक्ति है। उनके पास हमारे सवालों का जवाब देने का धैर्य है और हमारे सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने में हमारा मार्गदर्शन करने की बुद्धि भी है।

आज, जब हम शिक्षक दिवस मना रहे हैं, आइए हम अपना आभार व्यक्त करने के लिए कुछ समय निकालें। छात्रों के रूप में, यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने शिक्षकों के दिए ज्ञान और बुद्धिमत्ता का लाभ उठाएं। इस खास दिन पर, मैं उन सभी शिक्षकों को हार्दिक धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने मेरे जीवन और अनगिनत अन्य लोगों के जीवन को आकार देने में भूमिका निभाई है।

एक बार फिर, आपके अटूट समर्थन और मार्गदर्शन के लिए सभी शिक्षकों को धन्यवाद। शिक्षक दिवस की मुबारक!

और पढ़ें- अपने शिक्षकों से सीख सकते हैं जीवन के ये 9 अहम सबक