ʼगंधर्व मंच पर रोमांचक रातʼ का सपना सच करने के लिए ये गलतियाँ बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। जानिए उन पांच आम गलतियों के बारे में जो आपके मीठे पलों को खराब कर सकती हैं। 

पहला मिलन हो या हजारवां... हर बार यह एक उत्सव ही होता है। आपसी सहमति से होने वाला मिलन हमेशा आनंददायक होता है, हर बार। पुरुष के मन में हार न मानने की जिद, प्रकृति को समर्पित भाव से आगे बढ़ने का जज्बा, और साथी को खुशी देने की चाह। फिर भी कई बार पता नहीं क्यों तालमेल बिगड़ जाता है। मदहोशी में डूबे होने पर भी निराशा के गहरे कुएं में गिरने जैसा बुरा सपना। ऐसी निराशा आसानी से भुलाई नहीं जाती। 'पहले कभी ऐसा नहीं होता था। अब तो बस खानापूर्ति जैसा लगता है' पत्नी की शिकायत, 'मेरी पत्नी को कुछ नया ही नहीं चाहिए' पति का आरोप, ये सब आम बातें हैं। मीठे पलों में अक्सर होने वाली पांच गलतियों के बारे में जान लें तो जीवन भर हनीमून का आनंद ले सकते हैं। क्या हैं वो?

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समय ही सबकुछ है 

'चलो बिस्तर पर चलें और मजे करें' ऐसा कहकर जल्दबाजी करने वाले बहुत होते हैं। कई लोगों की यही समस्या है। अनुभवी लोग भी कभी-कभी इस मामले में चूक कर जाते हैं। थोड़ा धैर्य रखें तो सब आसान हो जाएगा। मूल सिद्धांत ही भूल जाने पर होती है यह गलती। प्यार के लिए भी चाहिए काफी समय। दुनिया को भूलने के लिए यही पहला कदम है। ऐसा वैसा कुछ नहीं। खुशी देने वाली मीठी बातें, प्यार भरे स्पर्श क्या-क्या कमाल कर सकते हैं।

खूबसूरती से भी खूबसूरत

साथी के हर अंग को पूजा भाव से देखें। नहीं तो कभी किसी और मौके पर उनके अंगों का मजाक उड़ाने का खतरा बना रहेगा। मजाक में भी ऐसा किया तो बवाल मच सकता है। साथी आपका साथ ही छोड़ सकते हैं। कितने भी करीबी क्यों न हों, सब कुछ खोलकर रख देने की बात आने पर कभी-कभी जीवनसाथी भी पराया सा लगने लगता है। आखिर दूसरे के सामने नंगे होने में शर्म तो आती ही है। वैसे भी क्या हमें अपने शरीर के हर हिस्से से प्यार होता है?

एक ही ढर्रा बोरिंग है

एक ही तरह से करना वाकई बोरिंग होता है। एक बात ध्यान रखें। नए तरीके, प्रयोग करने का मन हो तो साथी पर थोपें नहीं। आपसी बातचीत से बदलाव करें। अगर साथी राजी न हो तो भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करने की कोशिश न करें। इससे उन्हें लग सकता है कि उनकी राय की कोई कद्र नहीं है। इसके बजाय उन्हें समझाएं कि अभी जैसा है वैसा ही क्यों ठीक है। प्यार से मनाएं, समझाएं और आनंद लें।

जब ये हैं तो वो क्यों?

मनोविज्ञान कहता है कि एक ही साथी के प्रति वफादार रहने पर भी 'उस वक्त' किसी और के बारे में सोचना आम बात है। लेकिन वो कल्पना मन में ही रहे। अगर कोई अफेयर भी चल रहा हो तो उनका जिक्र न करें। “वो तुम्हें मुझसे ज्यादा खुश रखते हैं' जैसी बातें न कहें।

सब कुछ आसान है

यह सलाह सिर्फ पुरुषों के लिए। मर्दानगी दिखाने के लिए आक्रामक होने की जरूरत नहीं। उसे प्यार से शब्दों में बयां करें। रूखे व्यवहार से ज्यादा मीठी बातें, थोड़ी सी शरारती बातें ज्यादा उत्तेजना पैदा कर सकती हैं।