आलिया भट्ट अपनी बेटी राहा को रोज़ कहानी सुनाती हैं। बच्चों को कहानी सुनाने से उनका बौद्धिक और भावनात्मक विकास होता है, भाषा कौशल बढ़ता है और कल्पनाशीलता विकसित होती है।

रिलेशनशिप डेस्क. बच्चे के पैदा होने के बाद से ही उनसे अंदर क्या और किस तरह से ज्ञान को भरना होता है इसकी जिम्मेदारी माता-पिता की होती है। हर माता-पिता की पैरेंटिंग अपने हिसाब से सही होती है। लेकिन उसमें कुछ चीजों को और भी बेहतर किया जा सकता है। मसलन छोटे बच्चे को हर रात मोटिवेट करने वाली कहानी सुनाना। बॉलीवुड अदाकारा आलिया भट्ट अपनी बेटी राहा को हर रात सोने से पहले कहानी सुनाती हैं। वो चाहती हैं कि उनकी बेटी किताब पढ़ने की आदी हो।

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आलिया की मानें तो वो खुद अपने बचपन में किताबें पढ़ने की शौकीन नहीं थीं, बल्कि उनकी माँ उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करती थीं। अपनी बेटी के साथ, आलिया चाहती हैं कि किताब पढ़ने का ये सिलसिला चलता रहे। बात सिर्फ पढ़ने की नहीं है, बच्चों को हर रोज रात में कहानी सुनाने के कई और फायदे होंते हैं। जिसका जिक्र हम यहां करेंगे।

बच्चों को कहानी सुनाने के फायदे

साइकोलॉजिस्ट की मानें तो बच्चों को कहानी सुनाने उनके फ्यूचर में इंवेस्टमेंट करने जैसा है। जब छोटे बच्चे किसी को पढ़ते हुए सुनते हैं, तो इससे उनके लैग्वेंज में डेवलपमेंट होता है। वो नए शब्द सीखते हैं। यह एक शानदार तरीका है जिससे बच्चे नई जानकारी हासिल करते हैं।

बौद्धिक विकास में मदद और इमोशनल कनेक्शन

बच्चों का दिमाग शुरुआती सालों में तेज़ी से सीखता है। कहानियां सुनकर वे न केवल उच्चारण सीखते हैं बल्कि शब्दों का सही उपयोग भी समझते हैं। माता-पिता के साथ कहानी सुनने से बच्चे को सुरक्षा और अपनेपन का अहसास होता है। यह रिश्ते को गहराई से जोड़ता है और उनके भीतर आत्मविश्वास का विकास करता है।

रोज़मर्रा की दिनचर्या में अनुशासन

बच्चों को रोज़ एक निश्चित समय पर कहानी सुनाना उन्हें अनुशासित और संरचित बनाता है। इससे उनकी एक दिनचर्या बनती है, जिससे वे अनुशासन के महत्व को समझते हैं।

इमेजिनेशन और क्रिएटिविटी

किताबें पढ़ना या सुनना बच्चों की इमेजिनेशन को विकसित करता है। इस प्रक्रिया में वे अपने मन में चित्र बनाते हैं और कहानी से जुड़े भावों को महसूस करते हैं, जिससे उनकी क्रिएटिव सोच मजबूत होती है।

सामाजिक और संवाद कौशल में सुधार

कहानी सुनने से बच्चों का भाषा कौशल बढ़ता है, जिससे वे लोगों से बेहतर संवाद कर पाते हैं। यह बच्चों को सामाजिक बनाता है और उनके विचारों को साझा करने में मदद करता है। आलिया भट्ट की तरह, यदि माता-पिता बच्चों को कहानियां सुनाने की आदत डालें तो यह उनकी सोच, समझ और पर्सनालिटी में विकास हो सकता है।

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