भारतीय मूल के बिजनेसमैन हरीश डबासिया ने 35 साल की शादी के बाद तलाक में अपनी सारी संपत्ति खो दी। उन्होंने सब कुछ पत्नी-बेटियों को देकर 55 की उम्र में अफ्रीका में शून्य से जीवन शुरू किया। उन्होंने कहा कि मन की शांति पैसे से ज़्यादा कीमती है।
भारतीय मूल के एक बिजनेसमैन हरीश डबासिया ने खुलासा किया है कि एक तलाक ने उनकी पूरी ज़िंदगी की कमाई खत्म कर दी और उन्हें करोड़ों की संपत्ति गंवानी पड़ी। एक पॉडकास्ट में उन्होंने अपनी ज़िंदगी के इस मुश्किल दौर के बारे में खुलकर बात की। हरीश ने 'द वॉयसेज़ पॉडकास्ट विद अराफात' में बताया कि तलाक के वक्त उन्होंने अपनी सारी प्रॉपर्टी अपनी पत्नी और दो बेटियों के नाम कर दी थी।
'मुझे अपना सब कुछ छोड़ना पड़ा'
हरीश बताते हैं कि उनका जन्म भारत में बिल्डरों के एक परिवार में हुआ था, लेकिन उनका बचपन ज़्यादातर केन्या के नैरोबी में बीता। वह खुद को छठी पीढ़ी का बिल्डर बताते हैं और कहते हैं कि सीमेंट और ईंटें तो उनके खून में हैं। हरीश ने बताया कि जब वो छोटे थे, तो उनके पिता के साथ मतभेदों के कारण उन्हें यूके में अपने चाचा के पास भेज दिया गया था। वहीं उन्होंने यूके में पढ़ी-लिखी भारतीय मूल की एक महिला से शादी की। उनकी शादी 35 साल चली और उनका एक फैमिली बिजनेस भी था। लेकिन, तलाक के बाद उन्हें अपनी सारी संपत्ति और बिजनेस अपनी पत्नी और दो बेटियों के लिए छोड़ना पड़ा।
इसके बाद 55 साल की उम्र में वो सब कुछ छोड़कर अफ्रीका वापस चले गए। उन्होंने कहा, "अफ्रीका में, मैं सिर्फ बिल्डिंग्स नहीं बना रहा। मैंने बिजनेस बनाए। मैंने लोग बनाए।" हरीश का कहना है कि तलाक के बाद अफ्रीका जाने से उन्हें ज़िंदगी में एक नया मकसद मिला। उन्होंने माना कि संपत्ति और देनदारियों का बंटवारा उनकी ज़िंदगी के लिए एक बहुत बड़ा झटका था। उन्हें अपनी ज़िंदगी जीरो से दोबारा शुरू करनी पड़ी। उनका ये बयान, "55 साल की उम्र में मुझे सब कुछ छोड़ना पड़ा," सोशल मीडिया पर काफी ध्यान खींच रहा है।
आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक सदमा भी
हरीश ने दावा किया कि तलाक से उन्हें सिर्फ पैसों का नुकसान नहीं हुआ, बल्कि मानसिक रूप से भी यह एक बड़ा सदमा था। उन्होंने कहा कि दौलत खोने के बाद ही उन्हें एहसास हुआ कि पैसों से ज़्यादा कीमती मन की शांति और निजी खुशी होती है। उन्होंने पॉडकास्ट में यह भी बताया कि कैसे उन्होंने ज़िंदगी की चुनौतियों का सामना किया और फिर से आगे बढ़ने की कोशिश की। हरीश डबासिया के इस खुलासे पर सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग तलाक के आर्थिक असर पर उनके अनुभव को लेकर चर्चा कर रहे हैं, तो वहीं कुछ का कहना है कि हर तलाक की कहानी अलग होती है और किसी एक के अनुभव से कोई आम राय नहीं बनाई जा सकती।
