कोर्ट में तलाक़ की जिद पर अड़े दंपति को जज ने समझाने की कोशिश की और अंततः केस को काउंसलिंग के लिए मठ भेज दिया। जज ने दंपति को समझाया कि दाम्पत्य जीवन में उतार-चढ़ाव आम हैं और उन्हें मैनेज करके चलना चाहिए।

पत्नी ने हाथ काट लिया, घर पर चढ़कर कूद जाऊंगी कहती है.. बस बहुत हुआ, अब तलाक़ (Divorce) चाहिए, यह कहते हुए एक व्यथित व्यक्ति कोर्ट (Court) पहुंचा। M.Com पढ़ी हुई उसकी पत्नी भी इसी जिद पर अड़ी थी। दंपति के तलाक़ की जिद के आगे जज लगातार उन्हें समझाने की कोशिश करते रहे। तलाक़ कोई दुकान से खरीदने वाली चीज नहीं है, यह कहते हुए जज ने अंततः केस को कोप्पल के गवि सिद्धेश्वर मठ (Koppal Gavisiddeswar Math) के हवाले कर दिया। जज और तलाक़ लेने की जिद पर अड़े दंपति का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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माँ-बाप का इकलौता बेटा होने के कारण पत्नी और उसके घरवाले उसे परेशान कर रहे हैं, यह कहते हुए पीड़ित व्यक्ति तलाक़ के लिए कोर्ट पहुँचा। पत्नी ने भी जज के सामने अपनी आपबीती सुनाई। लेकिन जज को यह तलाक़ देने लायक मामला नहीं लगा। उच्च शिक्षित होने के बावजूद दोनों को काउंसलिंग की जरूरत है, यह जज का मानना ​​था। ज्यादा प्यार करने वाली पत्नी का ऐसा छोटा-मोटा झगड़ा आम बात है, इसे सहन करना चाहिए, ऐसा कहते हुए जज ने महिला को आत्महत्या की धमकी देने के लिए फटकार भी लगाई। 

हर दंपति को देखना चाहिए यह वीडियो : कोर्ट में मामूली कारणों से तलाक़ की अर्जी लगाने वाले इस दंपति को जज ने समझाते हुए कहा कि पति-पत्नी के रिश्ते में उतार-चढ़ाव आम हैं। दाम्पत्य जीवन में स्पीड ब्रेकर तो होते ही हैं, उन्हें मैनेज करके चलना चाहिए। शांत जगह पर बैठकर एक-दूसरे से बात करें, कानून से जिंदगी नहीं चलती। कानून आपको जीने का पाठ नहीं सिखाएगा। झगड़ा ना रुका तो आपका केस पाँच साल तक चलेगा। दोनों के बाल पक जाएँगे। क्या फिर से साथ रहोगे? यह सवाल जज ने दंपति से पूछा। 

इतना सब कुछ कहने के बाद भी जब दंपति नहीं माने तो जज ने उन्हें यह कहते हुए केस को मैरिज काउंसलिंग के लिए भेज दिया और मठाधीश से सलाह लेने को कहा कि क्या आपने भीष्म प्रतिज्ञा ली है? गवि सिद्धेश्वर स्वामी को पत्र लिखकर उन्होंने इसी रविवार को काउंसलिंग तय कर दी है। स्वामी जी के पास कैसे जाना है, वहाँ क्या कहना है, यह सब कुछ जज ने दंपति को बताया, लेकिन पति अपनी जिद पर अड़ा रहा। किसी भी कीमत पर पत्नी के साथ एक ही बस में मठ नहीं जाऊँगा, यह उसने ठान लिया। उसकी जिद देखकर जज ने कहा कि मठ जाते समय यह सोचकर जाना कि शायद दोबारा साथ जीवन बिताने का मौका मिल जाए। गवि सिद्धेश्वर स्वामी की सलाह मानना। कोर्ट से हमारी समस्या का हल नहीं निकला, इसलिए आपके पास आए हैं, ऐसा कहकर स्वामी जी से विनती करना और उचित सलाह लेना।

इस दौरान प्रोफ़ेसर कृष्णे गौड़ा का उदाहरण देते हुए जज ने बताया कि उनके पास जाने के बाद तलाक़ के लिए अर्जी लगाने वाले तीन दंपति अब साथ रह रहे हैं। हुबली में 9 दंपतियों ने साथ रहने की कसम खाई है। छोटी-छोटी बातों पर तलाक़ लेते रहे तो हमारा देश भी पश्चिमी देशों जैसा हो जाएगा। हमारी संस्कृति का नाश हो जाएगा।