यह पेंगुइन वीडियो, जो इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा है, सिर्फ एक जानवर की कहानी नहीं है, बल्कि रिश्तों, अकेलेपन और टूटे हुए इमोशनल कनेक्शन का प्रतीक बन गया है। लोग इस कहानी में खुद को देख रहे हैं और इमोशनल हो रहे हैं।

Penguin Viral Video Instagram: हर दिन सोशल मीडिया पर हजारों वीडियो वायरल होते हैं, लेकिन कुछ वीडियो सीधे दिल को छू जाते हैं। इंस्टाग्राम पर आजकल वायरल हो रहा एक पेंगुइन का वीडियो ऐसा ही एक उदाहरण है। इस वीडियो में एक पेंगुइन अपने झुंड और रिश्तों को पीछे छोड़कर पहाड़ों की तरफ अकेला चलता हुआ दिख रहा है। इस दृश्य को देखकर लोग सिर्फ़ एक जानवर की कहानी नहीं देख रहे हैं, बल्कि अपनी जिंदगी, रिश्तों और अकेलेपन पर भी सोच रहे हैं। शायद इसीलिए लोग इसे भगवान बुद्ध के त्याग से जोड़ रहे हैं।

जब रिश्तों के बीच भी अकेलापन घेर ले

पेंगुइन आमतौर पर अपनी कॉलोनी के साथ रहते हैं। वे एक-दूसरे से अलग नहीं होते, जैसे इंसान अपने परिवार और समाज से जुड़े रहते हैं। लेकिन इस वायरल वीडियो में दिखाया गया पेंगुइन न तो अपने झुंड के साथ है और न ही खाने की तलाश में समुद्र की तरफ जा रहा है। वह एक ऐसे रास्ते पर निकल पड़ा है जहां उसका जिंदा रहना नामुमकिन है। यह दृश्य हमें उन लोगों की याद दिलाता है जो सब कुछ होते हुए भी अंदर से टूटे हुए होते हैं और रिश्तों से दूरी बना लेते हैं।

यह कहानी 2007 की एक डॉक्यूमेंट्री से है

यह वायरल वीडियो असल में 2007 की मशहूर डॉक्यूमेंट्री "एनकाउंटर्स एट द एंड ऑफ द वर्ल्ड" का एक सीन है, जिसे जर्मन फ़िल्ममेकर वर्नर हर्जोग ने डायरेक्ट किया था। इस डॉक्यूमेंट्री में पेंगुइन साइंटिस्ट डेविड आइन्ले बताते हैं कि कभी-कभी पेंगुइन भी अजीब व्यवहार करते हैं। फिल्म के आखिर में, एक पेंगुइन अपनी कॉलोनी से अलग हो जाता है और पहाड़ों की तरफ निकल पड़ता है- यह एक ऐसी यात्रा है जो आखिर में उसकी मौत का कारण बनती है।

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एक आखिरी नजर और एक टूटा हुआ रिश्ता

सबसे इमोशनल पल तब आता है जब जंगल में गायब होने से पहले, पेंगुइन एक आखिरी बार पीछे मुड़कर देखता है, जैसे वह अपने पुराने रिश्तों, अपने झुंड और अपनी पहचान को आखिरी बार देख रहा हो। यह पल इंसानों के उस दर्द को दिखाता है जब वे रिश्तों से दूरी बनाने का फैसला करते हैं, लेकिन उनका दिल अभी भी वहीं अटका रहता है।

लोग इस कहानी से क्यों जुड़ रहे हैं?

इस वीडियो पर मीम्स और कमेंट्स दिखाते हैं कि लोग इस पेंगुइन में खुद को देख रहे हैं- कुछ टूटे हुए रिश्तों की वजह से, कुछ मानसिक थकावट की वजह से, और कुछ जिंदगी की भागदौड़ से बचने की चाहत की वजह से। शायद इसीलिए यह पेंगुइन सिर्फ एक जानवर से कहीं ज्यादा बन गया है, यह रिश्तों, अकेलेपन और इंसानी भावनाओं का प्रतीक बन गया है।