सावन में मध्यप्रदेश के शक्तिशाली शिवालयों के दर्शन कीजिए। महाकालेश्वर से लेकर वीराटेश्वर तक, इन १० मंदिरों का आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व जानिए और सावन के पवित्र महीने में दर्शन का लाभ उठाइए।
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दौरान अगर मध्यप्रदेश के प्राचीन और शक्तिशाली शिव मंदिरों में दर्शन किए जाएं, तो यह माना जाता है कि हर मनोकामना पूर्ण होती है। मध्यप्रदेश में कई ऐसे शिवलिंग हैं जो अपनी आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और स्थापत्य विशेषता के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां हम आपको 10 प्रमुख शिव मंदिरों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें सावन में एक बार अवश्य देखना चाहिए।
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1. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग – उज्जैन विशेषता: 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, शिवजी का रुद्र रूप

- स्थान: उज्जैन शहर के केंद्र में
- नजदीकी स्टेशन: उज्जैन जंक्शन (2 किमी)
- एयरपोर्ट: इंदौर (58 किमी)
- आकर्षण: भस्म आरती, शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर नजदीक
2. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग – खंडवा जिला विशेषता: नर्मदा नदी के बीच स्थित ओंकार पर्वत पर
- स्थान: ममलेश्वर और ओंकारेश्वर दो शिवलिंगों का दर्शन
- नजदीकी स्टेशन: सनावद (12 किमी), खंडवा (70 किमी)
- एयरपोर्ट: इंदौर (77 किमी)
- आकर्षण: नर्मदा परिक्रमा, Hanging Bridge
3. पशुपतिनाथ मंदिर – मंदसौर विशेषता: नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की तर्ज पर निर्मित
- स्थान: शिवना नदी के किनारे स्थित
- नजदीकी स्टेशन: मंदसौर (5 किमी)
- एयरपोर्ट: उदयपुर (134 किमी)
- आकर्षण: 8 मुखों वाला शिवलिंग
4. धर्मराजेश्वर मंदिर – मंदसौर जिला विशेषता: गुफा मंदिर, एलोरा शैली की स्थापत्य कला
- स्थान: चंदवासा के पास
- नजदीकी स्टेशन: शामगढ़ (22 किमी)
- एयरपोर्ट: इंदौर (170 किमी)
- आकर्षण: चट्टानों को काटकर बनाया गया मंदिर
5. भोजेश्वर महादेव – भोजपुर (रायसेन जिला) विशेषता: अधूरा लेकिन विशाल शिवलिंग (21 फीट ऊँचा)
- स्थान: भोजपुर गांव, भोपाल से करीब
- नजदीकी स्टेशन: भोपाल (29 किमी)
- एयरपोर्ट: भोपाल (35 किमी)
- आकर्षण: राजा भोज द्वारा निर्मित, स्थापत्य चमत्कार
6. चौरागढ़ महादेव मंदिर – पचमढ़ी (नर्मदापुरम जिला) विशेषता: शिव को भेंट चढ़ाने के लिए त्रिशूलों का ढेर
- स्थान: पहाड़ी की चोटी पर, ट्रेकिंग के बाद दर्शन
- नजदीकी स्टेशन: पिपरिया (52 किमी)
- एयरपोर्ट: भोपाल (200 किमी)
- आकर्षण: साहसिक यात्रा + आस्था का संगम
7. जटाशंकर गुफा मंदिर – पचमढ़ी विशेषता: शिवजी की जटाओं से निकली जलधारा के रूप में मानी जाती है
- स्थान: पचमढ़ी कस्बे के पास
- नजदीकी स्टेशन: पिपरिया (52 किमी)
- एयरपोर्ट: भोपाल (200 किमी)
- आकर्षण: प्राकृतिक गुफा, जलधारा, ट्रेकिंग
8. कंदरिया महादेव मंदिर – खजुराहो (छतरपुर जिला) विशेषता: विश्व धरोहर स्थल, नागर शैली का सुंदर मंदिर
- स्थान: पश्चिमी मंदिर समूह में स्थित
- नजदीकी स्टेशन: खजुराहो (6 किमी)
- एयरपोर्ट: खजुराहो (3 किमी)
- आकर्षण: खजुराहो की मूर्तिकला और शिव भक्ति का संगम
9. ककनमठ मंदिर – मुरैना विशेषता: बिना गारे से बनी शिवमंदिर की संरचना
- स्थान: सिहोनिया गांव के पास
- नजदीकी स्टेशन: मुरैना (20 किमी)
- एयरपोर्ट: ग्वालियर (55 किमी)
- आकर्षण: रहस्यमय स्थापत्य, एक पत्थर के टुकड़ों से निर्मित
10. वीराटेश्वर मंदिर – शहडोल विशेषता: पांडवों से जुड़ी मान्यता, शिव का विराट रूप
- स्थान: सोहागपुर के पास
- नजदीकी स्टेशन: शहडोल (4 किमी)
- एयरपोर्ट: जबलपुर (200 किमी)
- आकर्षण: विशाल शिवलिंग, महाभारत से संबंध


