श्रीलंका ने भारत समेत 40 देशों के टूरिस्ट्स के लिए एक नया ट्रैवल नियम बनाया है। इसके तहत, अब 30 दिनों के लिए 'इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन' (ETA) के जरिए बिना किसी फीस के श्रीलंका घूमा जा सकता है। इस नए नियम से भारतीय यात्रियों का एयरपोर्ट पर समय बचेगा और प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

भारतीय टूरिस्ट्स के लिए श्रीलंका से एक बड़ी खुशखबरी आई है। श्रीलंका ने भारत समेत दुनिया के 40 देशों के टूरिस्ट्स के लिए एक नया ट्रैवल नियम बनाया है। अब इन देशों के लोग बिना किसी फीस के 30 दिनों के लिए 'इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन' (ETA) के जरिए श्रीलंका घूम सकते हैं। यह नया नियम आज से ही लागू हो गया है। ETA के जरिए यात्रा करने वाले टूरिस्ट्स को श्रीलंका में एंट्री के लिए अलग से वीजा की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, उन्हें यात्रा शुरू करने से पहले डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल अथॉरिटी के जरिए मंजूरी लेनी होगी। अब चुने हुए 40 देशों के नागरिक बिना किसी चार्ज के इसके लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। पहले, सार्क देशों के लोगों को 30 दिन के डबल-एंट्री टूरिस्ट वीजा के लिए 20 अमेरिकी डॉलर देने पड़ते थे, वहीं दूसरे देशों के यात्रियों से 50 अमेरिकी डॉलर लिए जाते थे। अब इस फीस को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

वीजा की वैलिडिटी और एंट्री के नियम

इस नई स्कीम के तहत, योग्य देशों के यात्रियों को श्रीलंका में पहली बार पहुंचने की तारीख से 30 दिनों तक का टूरिस्ट वीजा मिलेगा। खास बात यह है कि इस 30 दिन की अवधि में वे दो बार श्रीलंका में एंट्री कर सकते हैं। जो लोग 30 दिनों से ज्यादा श्रीलंका में रुकना चाहते हैं, वे तय फीस देकर अपना वीजा बढ़वाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

भारतीय टूरिस्ट्स को क्या फायदा होगा?

जिन लोगों के पास भारतीय पासपोर्ट है, उनके लिए यह नया नियम सफर की प्रक्रियाओं को काफी आसान बना देगा। फरवरी 2026 में अपडेट हुए हेनले पासपोर्ट इंडेक्स के मुताबिक, भारतीयों को अब तक श्रीलंका में 'वीजा ऑन अराइवल' की सुविधा मिलती थी। यह सुविधा तो अच्छी थी, लेकिन इसके लिए फ्लाइट से उतरने के बाद एयरपोर्ट पर कई formalities पूरी करनी पड़ती थीं।

लेकिन अब नए ETA सिस्टम के लागू होने से भारतीय यात्री सफर शुरू करने से पहले ही ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन ये सारी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इससे एयरपोर्ट पर चेकिंग में तेजी आएगी और उनका कीमती समय भी बचेगा।