Travel Booking Fraud Guide: ऑनलाइन ट्रैवल बुकिंग करते समय थोड़ी सी सावधानी आपके हजारों रुपये बचा सकती है। सही वेबसाइट, सुरक्षित पेमेंट, असली रिव्यूज और डायरेक्ट वेरिफिकेशन ये 4–5 स्टेप्स आपको फ्रॉड से बचाते हैं।

आजकल फ्लाइट, होटल और हॉलिडे पैकेज ऑनलाइन बुक करना बहुत आसान हो गया है, लेकिन इसके साथ फेक वेबसाइट, नकली एजेंट और पेमेंट फ्रॉड का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। कई बार लोग सस्ते ऑफर या जल्दी बुकिंग के दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर कर देते हैं और बाद में पता चलता है कि बुकिंग हुई ही नहीं। भारत में भी गृह मंत्रालय के I4C ने ऐसे ऑनलाइन ट्रैवल बुकिंग स्कैम्स को लेकर अलर्ट जारी किया है। अगर आप इन 5 बातों का ध्यान रखें, तो ऑनलाइन ट्रैवल फ्रॉड से काफी हद तक बच सकती हैं।

वेबसाइट और ऐप का नाम ध्यान से जांचें

सबसे पहले जिस वेबसाइट या ऐप से आप बुकिंग कर रही हैं, उसका नाम और लिंक ध्यान से देखें। कई फेक साइट्स असली वेबसाइट जैसा नाम बनाती हैं, जैसे स्पेलिंग में छोटा सा बदलाव उदाहरण के लिए booklng, makemytripp-offer या किसी बड़ी वेबसाइट के नाम के साथ एक्स्ट्रा वर्ड्स। ऐसी वेबसाइट्स दिखने में बिल्कुल असली लगती हैं लोगो, फोटो, रिव्यूज सब ऑरिजनल जैसे होते हैं। इसलिए सिर्फ लुक देखकर भरोसा न करें। हमेशा URL में https और सही domain name जरूर चेक करें।अगर लिंक WhatsApp, SMS, Instagram या Facebook ad से आया हो, तो एक्स्ट्रा सावधानी रखें। I4C ने भी फेक वेबसाइट और सोशल मीडिया पेज के जरिए ट्रैवल स्कैम को लेकर चेतावनी दी है।

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पेमेंट कभी पर्सनल UPI या बैंक अकाउंट में न करें

यह सबसे जरूरी बात है। अगर कोई एजेंट आपसे कहे कि “इस नंबर पर UPI कर दीजिए”, “इस personal account में पैसे भेज दीजिए”, या “अभी तुरंत advance दे दीजिए”, तो सावधान हो जाएं। असली ट्रैवल वेबसाइट्स आमतौर पर secure payment gateway, credit card, debit card या verified UPI merchant से payment लेती हैं। पर्सनल अकाउंट में भेजे गए पैसे वापस मिलना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए हमेशा credit card या trusted app payment का इस्तेमाल करें, ताकि जरूरत पड़ने पर डिसप्यूट या रिफंड की सुविधा मिल सके।

रिव्यू और रेटिंग्स को अच्छे से पढ़ें

बुकिंग से पहले सिर्फ प्राइज मत देखें, बल्कि रिव्यूज भी पढ़ें। कोशिश करें कि रीसेंट रिव्यूज पढ़ें, खासकर पिछले 1–2 महीने के। अगर सभी रिव्यूस एक जैसे लैंग्वेज में हों, बहुत परफेक्ट लगें या सिर्फ 5-star reviews हों, तो यह फेक भी हो सकते हैं। Google Maps, social media page और independent review platform पर भी agency या hotel को चेक करें। कई बार असली तस्वीरें और यूजर्स के कमेंट्स् बहुत कुछ बता देते हैं।

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होटल या एयरलाइन से डायरेक्ट कन्फर्म करें

बुकिंग के बाद सिर्फ एजेंसी के कंफर्मेशन मैसेज पर भरोसा न करें। सीधे होटल, एयरलाइन या रिसॉर्ट को कॉल करके पूछें कि आपकी बुकिंग उनके सिस्टम में दिखाई दे रही है या नहीं। PNR, booking ID या reservation number उनसे वैरिफाई करें। कई बार स्कैमर्स फेक कंफर्मेशन मेल और टिकट PDF भेज देते हैं, लेकिन एक्चुअल बुकिंग क्रिएट नहीं होती। ऐसे ghost booking cases काफी बढ़े हैं।

बहुत सस्ते ऑफर के चक्कर में तुरंत बुक न करें

अगर कोई पैकेट मार्केट रेट से बहुत ज्यादा सस्ता मिल रहा है, जैसे “70% OFF”, “last 5 minutes deal”, “international package half price”, तो तुरंत पैसे न दें। बहुत बार ऐसे ऑफर्स सिर्फ लोगों को जल्दी पेमेंट कराने के लिए बनाए जाते हैं। याद रखें too good to be true deal अक्सर स्कैम भी हो सकती है। पहले दूसरी वेबसाइट्स पर भी प्राइज कंपेयर करें और तभी बुकिंग करें।