Kerala in Monsoon: वर्कला से 12 किलोमीटर दूर, पणायिलकड़व पुल के पास, पोन्नुमथुरुथु स्थित है।

Kerala Travel: बारिश के मौसम में कहीं ट्रेवल करने का प्लान कर रहे है? मानसून में आप प्रकृति के खूबसूरत नजारों के बीच एक दिन की यात्रा की सोच रहे हैं, तो वर्कला के पोन्नुमथुरुथु से बेहतर जगह क्या हो सकती है? वर्कला की खूबसूरती के साथ-साथ, पोन्नुमथुरुथु भी एक मनमोहक जगह है। शहर की भीड़-भाड़ से दूर, यह सुनहरा द्वीप, अपने लुभावने दृश्यों, ठंडी हवा और शांत बैकवाटर के साथ, आपको सुकून के पल बिताने का मौका देता है। आप भले ही देश के किसी भी कोने में रहते हो लेकिन केरल घूमने का प्लान आसानी से कर सकते हैं। जानिए केरल में स्थित पोन्नुमथुरुथु कैसे पहुंचा जाए।

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नाव के रास्ते पहुंचे पोन्नुमथुरुथु

वर्कला से 12 किलोमीटर दूर, पणायिलकड़व पुल के पास स्थित पोन्नुमथुरुथु तक आप बैकवाटर के रास्ते नाव से पहुंच सकते हैं। भले ही यह एक छोटा सा द्वीप लगे, लेकिन यहां आने वाले पर्यटक घंटों तक इसका आनंद ले सकते हैं।

शिव-पार्वती-विष्णु मंदिर में करें दर्शन

पोन्नुमथुरुथु अपने लगभग सौ साल पुराने शिव-पार्वती-विष्णु मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यह द्वीप मंदिर की संपत्ति है। मंदिर की पूजा के समय के अनुसार, नेदुंगंडा से द्वीप तक आने-जाने के लिए मंदिर की नाव की सुविधा उपलब्ध है। यह नाव केवल सुबह और शाम को ही मिलती है। मंदिर का मुख्य उत्सव शिवरात्रि के दिन मनाया जाता है।

सोने के द्वीप की दिलचस्प है कहानी

पोन्नुमथुरुथु नाम के पीछे कई कहानियां प्रचलित हैं। एक कहानी यह है कि द्वीप के विभिन्न हिस्सों में खजाने छिपे हुए हैं, और इसी सोने के खजाने के कारण इसे पोन्नुमथुरुथु (सोने का द्वीप) कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि त्रावणकोर राजवंश की रानियां अपना सोना और अन्य कीमती आभूषण मंदिर के पास छिपाकर रखती थीं।

नेचुरल ब्यूटी का लें मजा

प्रवासी पक्षियों का यह प्रिय स्थल, पक्षी प्रेमियों के लिए भी एक स्वर्ग है। इसके अलावा, यहां दुर्लभ औषधीय पौधे और पेड़-पौधे भी पाए जाते हैं। प्रकृति के शांत और सुंदर वातावरण में समय बिताना चाहते हैं, तो पोन्नुमथुरुथु उनके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है।