सीधी (Madhya Pradesh) । लॉकडाउन के बाद से घर रह रही 13 साल की लड़की के साथ तीन दिन में नौ लोगों ने रेप किया। आरोप है कि सिलसिलेवार रेप के कारण वो ठीक से बोल नहीं पा रही है। हालांकि परिजन के साथ थाने पहुंची पीड़िता ने जो आपबीती सुनाई, उससे पुलिस की भी रूह कांप गई। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता ने जिससे भी मदद मांगी, उसने ही उसकी बेबसी का फायदा उठाया और उसे अपने हवस का शिकार बनाया। हालांकि, पुलिस ने मामले में सात दरिंदों को गिरफ्तार कर लिया है। 

बाजार गई थी लड़की, ऐसे ले गए गांव के दो शख्स
बच्ची जबलपुर में पिता के साथ रहकर पढ़ाई कर रही है। वह नौवीं की छात्रा है। पिता सरकारी नौकरी में हैं। लॉकडाउन से वो घर पर है। 11 जनवरी की दोपहर घरेलू काम से सब्जी मंडी गई थी। जहां उसके परिचित दो युवक मिले, जो बाइक पर बैठकर शहर से लगे भरौला व छटन के जंगल में पहुंचे। 

ढाबा संचालक ने भी साथियों संग किया रेप
आरोप है कि यहां डरा-धमकाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे एनएच 43 किनारे पर मौजूद ढाबे में ले गए। रात में उसे वहीं बंधक बनाकर रखा। आरोप है कि दोनों के अलावा ढाबा संचालक और चार दोस्तों ने भी उसके साथ रेप किया। इसके बाद दोनों आरोपी उसे छटन बस्ती के जंगल में भी ले गए, जहां उसके साथ दरिंदगी की।

जिससे मांगी लिफ्ट, उसी ने लूटी इज्जत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 12 जनवरी की सुबह बच्ची ने बड़े पापा के पास कटनी भेजने की मिन्नतें की, तो आरोपियों ने एक ट्रक ड्राइवर के साथ उसे ट्रक में बैठा दिया। जिसने रास्ते में उससे रेप किया। बाद में उसे विलायत कला- बड़वारा के समीप टोल नाके पर छोड़ दिया। यहां बालिका ने फिर से वापस उमरिया आने के लिए ट्रक चालक से लिफ्ट मांगी। यही नहीं, इस ट्रक चालक ने भी उससे रेप किया। हालांकि बाद में उसे उमरिया के पास छोड़कर भाग गया।

(प्रतीकात्मक फोटो)