मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मेट्रो प्रोजेक्ट का गुरुवार के दिन शिलान्यास तो कर दिया। लेकिन पहले ही दिन इसका विरोध भी हो गया। जैसे सीएम ने इसके नाम की घोषणा करते हुए कहा कि इस मेट्रो का नाम भोज मेट्रो होगा, तो उनकी ही पार्टी के विधायक आरिफ मसूद ने इसका विरोध किया। 

भोपाल. राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मेट्रो प्रोजेक्ट का गुरुवार के दिन शिलान्यास तो कर दिया। लेकिन पहले ही दिन इसका विरोध भी हो गया। जैसे सीएम ने इसके नाम की घोषणा करते हुए कहा कि इस मेट्रो का नाम भोज मेट्रो होगा, तो उनकी ही पार्टी के विधायक आरिफ मसूद ने इसका विरोध किया। MLA की बात सुनते ही कमलनाथ खुद को असहज महसूस करने लगे।

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विधायक ने CM से कहा-दादा भाई राजा भोज के नाम रहने दो
दरअसल, जब कार्यक्रम में विधायक मसूद को धन्यवाद भाषण के लिए बुलाया तो उन्होंने सीएम की तरफ देखते हुए कहा-दादा भाई राजा भोज के नाम से शहर में कई योजनाएं और जगहों के नाम हैं। इसलिए मुझे लगता है इस मेट्रो का नाम भोपाल मेट्रो होना चाहिए। यह उद्घाटन समारोह एमपी नगर में गायत्री मंदिर के पास रखा गया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व सांसद सुरेश पचौरी, मंत्री पीसी शर्मा, जयवर्धन सिंह, गोविंद सिंह, आरिफ अकील और शहर के मेयर आलोक शर्मा मौजूद थे। 

सीएम ने कहा- आज एतिहासिक दिन है
मेट्रो ट्रेन के उद्घाटन के बाद सीएम कमलनाथ ने कहा आज का दिन भोपाल के लिए एतिहासिक दिन है क्योंकि हमारे शहर में अब मेट्रो दोड़ेगी। उन्होंने कहा में जब केंद्रीय मंत्री था तो दिल्ली-मुंबई में मेट्रो ट्रेनों को देखकर यही सोचता था कि जब ये यहां चल सकती है तो हमारी राजधानी में क्यों नहीं।

भोपाल मेट्रो की क्या है खासियत
इस मेट्रो में तीन कोच होंगे, बाद में इनकी संख्या को 6 करने की योजना है। यह मेट्रो की स्पीड 80 किलो मीटर प्रति घंटा रहेगी। जो हर पांच मिनट में लोगों को मिलेगी। वहीं यह हर स्टेशन पर 30 सेकंड ही रुकेगी। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री ने इस ट्रेन को 2023 तक चलाने का समय तय किया है।