हाड़ कंपाने वाली ठंड में पिछले 28 दिनों से मध्य प्रदेश कॉलेजों के अतिथि विद्वान अपनी मांगों को लेकर भोपाल के यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क में धरना दे रहे हैं। 

भोपाल, हाड़ कंपाने वाली ठंड में पिछले 28 दिनों से मध्य प्रदेश कॉलेजों के अतिथि विद्वान अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। जब कमलनाथ सरकार ने उनकी नहीं सुनी तो उन्होंने दुखी होकर सोनिया गांधी, राहुल गांधी को अपने खून से पत्र से लिखकर वचन पत्र का वादा याद दिलाया।

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आसमान के नीचे धरना दे रहे हैं धरना
दरअसल, यह धरना राजधानी भोपाल के यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क में पिछले 28 दिनों से खुले आसमान के नीचे धरना दे रहे हैं। अतिथि विद्वान अपने नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। जिसका राज्य सरकार इनकी समस्या का स्थाई हल नहीं ढूंढ पा रही है। आखिर में उन्होंने महिला विद्धानों ने अपने खून से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सीएम कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वचन पत्र में लिखे वादे को याद दिलाया।

सीएम ने हल निकालने के लिए गठित की कमेटी
कमलनाथ सरकार की शनिवार को इसको लेकर कैबिनेट बैठक भी हुई। जिसमें आंदोलन कर रहे करीब 5000 अतिथि विद्वानों को एडजस्ट करने 1000 नए पद मंजूर किए। लेकिन उनको स्थाई करने के कदम पर सरकार के कई मंत्री एक राय नहीं बना पाए। इसका हल निकालने के लिए सीएम कमलनाथ ने प्रदेश के हायर एजुकेशन मिनिस्टर जीतू पटवारी और चीफ सेक्रेटरी एसआर मोहंती के साथ कुछ सीनियर अफसरों की एक कमेटी का गठन कर दिया है। जो जल्द से जल्द इस समस्या का हल निकाल सके।