मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के मंत्री अपनी बेतुकी बयानबाजी से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला राज्य के जल संसाधन मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा का है। कराड़ा ने मंदसौर के सीतामऊ में आयोजित किसान कर्ज माफी सम्मेलन में शब्दों की मर्यादा खो दी और विकलांगों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। 

भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के मंत्री अपनी बेतुकी बयानबाजी से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला राज्य के जल संसाधन मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा का है। कराड़ा ने मंदसौर के सीतामऊ में आयोजित किसान कर्ज माफी सम्मेलन में शब्दों की मर्यादा खो दी और विकलांगों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने दिव्यांगों को लंगड़े, लूले और अंधे कहकर संबोधित किया। इसके अलावा एक किसान ने उन्हें अपनी समस्या सुनाई तो मंत्री साहब ने कहा कि यही हरकत उनके क्षेत्र शाजापुर में की होती तो वहीं जूते मारते। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred
Scroll to load tweet…

दिव्यांग संघ ने की निंदा
राज्य के जल संसाधन मंत्री के इस बयान की दिव्यांग संघ ने निंदा की है। भाजपा के नेताओं ने भी कांग्रेस सरकार के इस मंत्री की आलोचना की है। भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विकलांगजनों को दिव्यांगजन कहकर सम्मान दिया, पर कांग्रेस के नेता लूले लंगड़े कहकर क्या संदेश दे रहे हैं। 

कमलनाथ ने उठाए थे सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल 
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी सर्जिकल स्ट्रीइक पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि कौन सी सर्जिकल स्ट्राइक ? हालांकि बात बढ़ने के बाद उन्होंने कहा था कि वो सेना का सम्मान करते हैं और सभी को करना चाहिए पर अगर सर्जिकल स्ट्राइक हुई है तो उसके आंकड़े होने चाहिए।