Pandhurna News: आंगनबाड़ी से मिले पोषण आहार में सांप कैसे पहुंचा? गर्भवती महिला के लड्डू के पैकेट में आखिर क्या मिला? क्या महिला ने वह खाना खा लिया था? प्रशासन ने क्या कार्रवाई की? जांच के लिए कितने सदस्यों की टीम बनाई गई है?

Dead Snake Found In Food Packet: मध्यप्रदेश के पांढुर्ना जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने आंगनबाड़ी केंद्रों से मिलने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक गर्भवती महिला को दिए गए पोषण आहार के पैकेट में कथित तौर पर मरा हुआ सांप का बच्चा मिला। घटना सामने आते ही गांव में हड़कंप मच गया और लोग हैरान रह गए। सबसे राहत की बात यह रही कि महिला ने उस खाद्य सामग्री का सेवन नहीं किया था। अगर यह पैकेट बिना जांचे इस्तेमाल हो जाता, तो बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।

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क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक यह घटना पांढुर्ना जिले के करघाट कमठी गांव की है। यहां रहने वाली गर्भवती महिला वच्छला बाई धुर्वे को आंगनबाड़ी केंद्र के जरिए पोषण कार्यक्रम के तहत लड्डुओं का पैकेट दिया गया था। जब परिवार के लोगों ने घर पहुंचकर पैकेट खोला, तो उनके होश उड़ गए। लड्डुओं के बीच उन्हें कथित तौर पर एक मरा हुआ सांप का बच्चा दिखाई दिया। यह देखकर परिवार घबरा गया और तुरंत इसकी जानकारी आंगनबाड़ी कर्मचारियों और प्रशासन को दी।

सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन

शिकायत मिलने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंची। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पैकेट की जांच की और उसे अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही खाद्य सामग्री का नमूना भी सुरक्षित रखा गया है, ताकि लैब में इसकी जांच कराई जा सके। अधिकारियों ने मौके पर पंचनामा तैयार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

जांच के लिए बनाई गई 5 सदस्यीय कमेटी

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। कलेक्टर ने बताया कि पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए 5 सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। इसके अलावा खाद्य नमूने को भोपाल स्थित राज्य खाद्य परीक्षण केंद्र भेजा गया है। अब सभी की नजर लैब रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

गांव के लोगों में बढ़ी चिंता

घटना सामने आने के बाद गांव के लोगों में चिंता बढ़ गई है। खासकर गर्भवती महिलाओं और उन परिवारों में, जो आंगनबाड़ी केंद्रों से मिलने वाले पोषण आहार पर निर्भर रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाएं लोगों के भरोसे को प्रभावित करती हैं। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और खाद्य सामग्री की नियमित जांच की मांग की है।

प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील की

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने तक आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करें। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।