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ह्रदय विदारक तस्वीर: बेटे को सीने से चिपकाए अस्पताल के बाहर रोती रही मां, मौत हो गई-नहीं मिला इलाज

मध्यप्रदेश के जबलपुर से एक विचलित कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां एक मासूम बच्चा स्वास्थ्य केन्द्र के बाहर अपनी मां की गोद में तड़प-तड़प कर दम तोड़ देता है क्योंकि ना उसे डॉक्टर मिल पाया ,ना इलाज मिल पाया।

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First Published Sep 1, 2022, 5:13 PM IST

जबलपुर. मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले जबलपुर से दिल को झकझोर देने वाली ऐसी खबर सामने आई है। जो प्रदेश सरकार के तमाम दावों की पोल खोलते दिख दिख रही है। यहां एक 5 साल के बीमार बेटे को महिला अपने सीने से चिपकाए अस्पताल में इलाज के लिए चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन ओपीडी के समय में ना तो कोई डॉक्टर नहीं मिला। ना ही किसी ने उसे भर्ती किया। आखिर में मासूम ने मां की है गोद में दम तोड़ दिया।

बच्चे को सीने से चिपकाए रोती-बिलखती रही मां
यह दुखद घटना जबलपुर जिले के बरगी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की है। जहां बुधवार सुबह 10 बजे तिन्हेटा गांव की एक महिला अपने बेटे ऋषि को उल्टी-दस्त होने पर अस्पताल लेकर पहुंची थी। साथ में बच्चे के अन्य परिजन भी साथ थे। सभी लोग काफी समय पर अस्पताल के गेट पर खड़े रहे। लेकिन अस्पताल में ओपीडी के समय कोई डॉक्टर नहीं था। सिर्फ अस्पताल में  एक नर्स ड्यूटी पर थी। बच्चे की तबीयत बिगड़ती देख महिला अस्पताल के बाहर महिला रोती-बिलखती दिख रही है और अंत में उससे मासूम की सांसे टूट गईं। परिजनों ने अस्पताल के बाहर महिला रोती बिलखती दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अगर समय पर इलाज मिल जाता तो  हमारा बच्चा जिंदा होता।

प्रदेश के  स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी तक पहुंचा मामला
इस दर्दनाक घटना का मामला प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी तक पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि हेल्थ मिनिस्टर ने इस मामले को लेकर जिले के कलेक्टर से फोन पर बात कर जांच के निर्देश दिए हैं और जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी है। इस दौरान उन्होंने कहा जो भी इस में दोषी होगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा। वहीं जबलपुर कलेक्टर इलैयाराजा टी का कहना है कि बच्चे की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। बच्चे को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी, उसका एक पैर जल गया था। पिछ दस दिन से परिजन स्थानीय लेवल पर उसका इलाज करा रहे थे। जब हालत बिगड़ी तो वह अस्पताल लेकर पहुंचे।

जानिए ड्यूटी से क्यों गायब थे डॉक्टर साहब
वहीं जबलपुर सीएमएचओ का कहना है कि बरगी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. लोकेश की ड्यूटी थी। डॉ. लोकेश ने अपने सीनियर्स को बताया कि परिवार में एक धार्मिक कार्यक्रम के कारण वे ड्यूटी पर देरी से पहुंचेंगे। लेकिन यह मामला सुबह का है। मामले की जांच की जा रही है। लेकिन बच्चे के परिजनों ने इस मौत के पीछे डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराया है। मृतक बच्चे के मामा पवन कुमार ने बताया कि वह बुधवार सुबह करीब 10 बजे बच्चे को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगी पहुंचे थे। यहां एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। कोई डॉक्टर मिल जाता तो हमारा बच्चा आज जीवित होता।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना को वीडियो किया शेयर
इस पूरे मामले को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना को वीडियो के साथ ट्वीट किया है। साथ ही शिवराज सरकार पर निशाना साधते हुए कहा- मध्यप्रदेश के जबलपुर के बरगी की यह तस्वीरें बेहद हृदय विदारक है। एक मासूम बालक स्वास्थ्य केन्द्र के बाहर अपनी मां की गोद में तड़प-तड़पकर दम तोड़ देता है क्योंकि ना उसे डॉक्टर मिल पाया , ना इलाज मिल पाया।

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