कोई भी मां-बाप यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकता कि बुढ़ापे में उसे दर-दर की ठोकर खाना पड़े। यह मामला भी यही है। हालांकि इसमें सुखद बात यह रही कि SDM की समझाइश पर बेटे को अपनी गलती का अहसास हो गया।

ग्वालियर, मध्य प्रदेश. एक पिता के लिए इससे बड़ी कष्टकर बात और क्या होगी कि जवान बेटे के बावजूद उसे दर-दर की ठोकरें खानी पड़ें। लेकिन यह अच्छी बात रही कि यहां एक पिता और बेटे का सुखद मिलन हो गया। बेटे को अपनी गलती का अहसास हुआ। उसने सबके सामने पिता के पैर में गिरकर माफी मांगी। इसके बाद उन्हें अपने साथ घर ले गया। यह मामला बुधवार को ग्वालियर कलेक्ट्रेट में देखने को मिला। यहां प्रशासन ने बुजुर्ग सम्मेलन रखा था। मकसद था बुजुर्गों को न्याय दिलाना। टूटते घर-परिवार को बचाना।

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SDM की समझाइश पर बेटा पिघला..
बुजुर्ग सम्मेलन में SDM अनिल बनवारिया ने करीब 336 शिकायतें सुनीं। इनमें से 124 में भरण-पोषण संबंधी आदेश निकाले। कई मामलों में SDM ने अपने कक्ष में बुजुर्गों और उनके बच्चों को साथ बैठाकर समझाइश दी। ऐसे ही एक मामले में दीपक पर आरोप था कि वो अपने पिता हरचरण की देखरेख नहीं करता। इसके कारण पिता को दर-दर की ठोकर खानी पड़ रही थी। SDM के सामने अपनी परेशानी बताते हुए पिता रो पड़ा। इस पर SDM ने बेटे को डांट-डपट और प्यार से उसकी जिम्मेदारी का अहसास कराया। बेटे को भी अपनी गलती का अहसास हुआ। उसने पिता के पैर में गिरकर माफी मांगी।