महाकालेश्वर मंदिर आम श्रद्धालुओं के प्रवेश को महाशिवरात्रि के बाद पहले सोमवार से या सात-आठ दिनों के अंदर शुरू कर दिया जाएगा। 15 मार्च से भक्त भस्मारती के साथ बाबा के दर्शन करने की की अनुमति होगी। श्रद्धालुओं को कोरोना गाइडलाइन का पालन कराया जाएगा। 

उज्जैन, कोरोना महमारी के दौर में मध्य प्रदेश क्या पूरे देश के सभी मंदिर बंद कर दिए थे। लेकिन अब मंगलवार को उज्जैन से महाकाल के भक्तों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। जहां महाकालेश्वर मंदिर समिति ने फैसला लिया है कि अब 15 मार्च से आम श्रद्धालु पहले की तरह बाबा के दर्शन के साथ-साथ भस्मारती में शामिल हो सकेंगे। इतना ही नहीं अब भक्त गर्भगृह में भी प्रवेश कर सकेंगे।

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श्रद्धालुओं को कोरोना गाइडलाइन का पालन करना होगा
दरअसल, कोरोना महामारी के चलते पिछले आठ महीने से पिछली साल 6 जून से मंदिर को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। अब महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की बैठक मैं मौजदू उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह सहमति से फैसला किया कि अब पूरी क्षमता की तरह महाकाल के भक्त बाबा का अभिषेक कर सकते हैं। लेकिन कोरोना के सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए वह मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं। सभी श्रद्धालुओं को कोरोना गाइडलाइन का पालन कराया जाएगा। 

शयन आरती में आज से शामिल हो सकते हैं श्रद्धालु
उज्जैन कलेक्टर ने अपने आदेश में कहा कि महाकालेश्वर मंदिर आम श्रद्धालुओं के प्रवेश को महाशिवरात्रि के बाद पहले सोमवार से या सात-आठ दिनों के अंदर शुरू कर दिया जाएगा। 15 मार्च से भक्त भस्मारती के साथ बाबा के दर्शन करने की की अनुमति होगी। वहीं शयन आरती में आज यानी मंगलवार से ही प्रवेश मिलेगा। शयन आरती का भी समय बढ़ाकर रात 10:15 बजे तक कर दिया गया है। वहीं शिवलिंग पर हरिओम जल महाशिवरात्रि के बाद ही चढ़ा पाएंगे।

भस्मारती में एक साथ बैठ सकते हैं 2 हाजर भक्त
महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की बैठक के दौरान मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि भस्मारती में करीब 2000 लोग एक साथ बैठ सकते हैं। जहां गणेश मंडपम् में 1580 और कार्तिकेय मंडपम में 350 लोग बैठ सकते हैं। वहीं नंदी हॉल में 70 लोगों की बैठने की क्षमता है।

विदेशी भक्तों के लिए खुलेगा अलग अकाउंट
बैठक के दौरान कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि विदेशी भक्तों और दानदाताओं के लिए फॉरेन करेंसी अकाउंट खोला जाएगा। जिससे उनको दान देने में कोई परेशानी नहीं हो। विदेशी मुद्रा या चेक देने में अब कोई मुश्किल नहीं होगी।

 ऑनलाइन परमिशन पहले की तरह ही होगी
बता दें कि महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के मुताबिक, भस्मारती के लिए ऑनलाइन परमिशन लेने वाले 800 लोगों के लिए 100 रुपए शुल्क देना होगा। वहीं इसके बाद सभी को बाबा के दर्शन के लिए नि:शुल्क अनुमति पत्र जारी किए जाएंगे। इसके अलावा सामान्य दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था पहले की तरह रहेगी।