घर पर बच्चे के रोने पर परिजन ने कपड़ा हटाकर देखा तो नवजात की गर्भनाल में कैंची लटक रही थी। उन्होंने तुरंत मामले की सूचना आशा कार्यकर्ता को दी। इसके बाद प्रसूता को अस्पताल बुलाया गया।

दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां हटा कस्बे के सिविल अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ ने ऐसी गंभीर लापरवाही बरती, जिसकी वजह से नवजात बच्चे की जान मुश्किल में आ गई। यहां नर्सिंग स्टाफ ने गर्भनाल काटने के बाद नवजात बच्चे के साथ कैंची फंसी छोड़ दी और चले गए। बाद में परिजन नवजात को लेकर घर चले गए। इधर, बच्चे के लगातार रोने से परिवार वालों ने कपड़ा हटाकर देखा तो लापरवाही देखकर चौंक गए। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की।

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पीड़ित रामगोपाल लोधी ने बताया कि वह मानपुरा गांव का रहने वाला है। 29 जनवरी को उसकी पत्नी रेखा लोधी (24 साल) को प्रसव पीड़ा हुई तो उसने हटा नगर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। यहां नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि अभी डिलीवरी होने में वक्त लगेगा। इसी बीच, प्रसूता बाथरूम गई, जहां दोपहर करीब 1.30 बजे उसका प्रसव हो गया। सूचना पर स्टाफ प्रसूता को वार्ड में लेकर आए। नर्स ने नवजात का गर्भनाल कैंची से काटा और कैंची गर्भनाल में ही फंसी छोड़ दी। नवजात को कपड़े में लपेट दिया। इसके बाद प्रसूता और नवजात की छुट्टी कर शाम को घर भेज दिया गया। 

3 दिन बाद गर्भनाल से निकाली कैंची 
घर पर बच्चे के रोने पर परिजन ने कपड़ा हटाकर देखा तो नवजात की गर्भनाल में कैंची लटक रही थी। उन्होंने तुरंत मामले की सूचना आशा कार्यकर्ता को दी। इसके बाद प्रसूता को अस्पताल बुलाया गया और 3 दिन बाद यानी 31 जनवरी को नवजात को अस्पताल बुलवाकर कैंची निकाली गई। रामगोपाल ने मामले की शिकायत हटा के SDM से की। उन्होंने लापरवाही पर कार्रवाई की मांग की है।

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