मध्य प्रदेश में 2023 के विधानसभा चुनावों के मिशन की तैयारी कांग्रेस ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। सीनियर नेताओं का इसको लेकर बैठकों का दौर जारी है। वहीं प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने बड़ा ऐलान किया।

भोपाल, वैसे तो मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों में अभी एक साल से ज्यादा का वक्त है। लेकिन सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और विपक्षी दल ने इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी हैं। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता कमलनाथ ने चुनावों को ध्यान में रखते हुए बड़ा ऐलान किया। कमलनाथ ने कहा-अगर 2023 में कांग्रेस की सरकार बनी, तो पुरानी कर्मचारी पेंशन बहाल करेंगे।

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पुरानी पेंशन को कांग्रेस सरकारों ने किया लागू
दरअसल, कमलनाथ रविवार को भोपाल में शिक्षक कांग्रेस द्वारा आयोजित अधिवेशन में पहुंचे थे। जहां उन्होंने सभा को संबोंधित करते हुए कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस पर मैं राष्ट्र निर्माता श्रमिक भाईयों और बहनों को बधाई देता हूं। आज आपके अथक श्रम को प्रणाम करने का दिन है। इसलिए ऐलान करता हूं कि मध्यप्रदेश में 2023 में कांग्रेस की सरकार बनेगी तो पुरानी कर्मचारी पेंशन योजना लागू की जाएगी। 

'जिन राज्यों में कांग्रेस वहा पेंशन लागू'
कमलनाथ ने कहा-पुरानी पेंशन को कांग्रेस की दूसरी राज्य सरकारों ने भी लागू किया है। पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में भी ये व्यवस्था लागू है। यहां तक की राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार में भी यह लागू हो चुकी है। अब एमपी में भी कांग्रेस की सरकार बनने पर यह व्यवस्था लागू की जाएगी।

 मध्य प्रदेश में 2005 में लागू हुई नई पेंशन योजना
बता दें कि मध्य प्रदेश में 2005 में उस समय की सरकार ने पुरानी पेंशन योजना को बंद करके नई पेंशन योजना लागू की थी। 1 जनवरी 2005 के बाद 3.35 लाख से ज्यादा कर्मचारी सरकारी सेवा में शामिल हुए हैं। इनमें से 2.87 लाख टीचर और बाकी 48 हजार अन्य सेवाओं के कर्मचारी हैं। नई पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारी के मूल वेतन से 10 प्रतिशत राशि काटी जाती है और उसमें सरकार 14 फीसदी अपना हिस्सा मिलाती है। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पुरानी पेंशन योजना बहाल होने के बाद मध्य प्रदेश में भी कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली योजना की मांग शुरू कर दी है। इसके लिए उन्होंने मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र भी बीते दिनों लिखा है।