मध्य प्रदेश में सहायक आबकारी आयुक्त के घर मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने छापा मारा। यहां से कई बंगले, फार्म हाउस, 3 किलो सोना सहित विदेशी करेंसी भी मिली। यह मप्र में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

भोपाल. भ्रष्ट अफसरों की सेहत पर मंदी का कोई असर नहीं देखा जा रहा। मंगलवार सुबह जब लोकायुक्त टीम ने सहायक आबकारी आयुक्त आलोक कुमार खरे के भोपाल सहित इंदौर, छतरपुर और रायसेन में छापा मारा, तो उसकी लग्जरी लाइफ देखकर सब हैरान रह गए। लोकायुक्त ने खरे के भोपाल में 2, इंदौर में 2 और रायसेन में 2, जबकि छतरपुर में एक जगह पर छापा मारा था। छापे की प्रारंभिक पड़ताल में सहायक आबकारी आयुक्त अरबपति निकले। उनके पास से सबमिलाकर 100 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी मिली है। इनमें सोना आदि भी शामिल है।

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लगातार मिल रही थीं शिकायतें..
खरे के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद यह कार्रवाई की गई। लोकायुक्त डीएसपी नवीन अवस्थी का दावा है कि मप्र में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई साबित हो सकती है। खरे का इंदौर के पॉश इलाके में एक पैंट हाउस और बंगला मिला है। इंदौर के घर से तीन किलो सोन मिलने की भी खबर है। वहीं भोपाल के चूनाभट्टी और बाग मुगालियां में दो आलीशान बंगले हैं। भोपाल के कोलार एरिया और रायसेन जिले में एक-एक फार्म हाउस के दस्तावेज भी मिले।

70 लोगों की टीम ने मारा छापा
खरे के यहां लोकायुक्त की 70 सदस्यीय टीम ने छापा मारा। खरे के पास करीब 12 लग्जरी गाड़ियां मिलीं। इसके अलावा इंदौर और भोपाल से करीब 15 लाख रुपए नगद भी बरामद हुए। खरे का छतरपुर स्थित बंगले की कीमत ही करोड़ों में आंकी गई है। यहां से पुलिस को विदेशी मुद्रा भी मिली है। रायसेन में खरे का लग्जरी फार्म हाउस है। जब लोकायुक्त टीम वहां पहुंची, तो चकाचौंध देखकर दंग रह गई। खरे की पत्नी रायसेन में फलों की खेतीबाड़ी से जुड़ी हैं। उल्लेखनीय है कि इंदौर के सहायक आबकारी आयुक्त नरेश चौबे के ट्रांसफर के बाद खरे को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इससे पहले खरे भोपाल में पदस्थ थे।