गुरूवार को विधायक नारायण पटेल ने अपना इस्तीफा प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा को सौंपा है। पार्टी से इस्‍तीफा देने के बाद उन्‍होंने सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की। इसके बाद शाम को उन्‍होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्‍यता ले ली। 

भोपाल. मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के लिए परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जहां कांग्रेस विधायक एक-एक करके पार्टी का साथ छोड़ते जा रहे। इसी कड़ी में एक और तगड़ा झटका लगा है मंधाता से कांग्रेस विधायक नारायण पटेल ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसका असर प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव पर पड़ेगा।

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सीएम शिवराज से मुलाकत बीजेपी में हुए शामिल
दरअसल, गुरूवार को विधायक नारायण पटेल ने अपना इस्तीफा प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा को सौंपा है। पार्टी से इस्‍तीफा देने के बाद उन्‍होंने सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की। इसके बाद शाम को उन्‍होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्‍यता ले ली। वहीं कांग्रेस के पूर्व मंत्री सचिन यादव ने कहा कि बीजेपी दबाव और प्रलोभन के जरिए विधायकों को खरीद रही है। आने वाले चुनाव में जनता इसका उनको जवाब देगी।

15 दिन में कांग्रेस के 3 विधायकों ने दिया इस्तीफा
बता दें कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस को 15 दिनों के अंदर यह तीसरा बड़ा झटका है। इससे पहले कांग्रेस विधायक प्रद्युमन सिंह लोधी और सुमित्रा देवी पार्टी छोड़ चुके हैं। जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भोपाल में विधायकों की बैठक भी की थी। लेकिन फिर भी पार्टी छोड़ने का यह सिलसिला नहीं थम रहा है।

प्रदेश में अब 27 सीटें हो गईं हैं खाली
नारायण पटेल के इस्तीफे के बाद अब मध्य प्रदेश विधानसभा की 27 सीटें खाली हो गई हैं। बता दें कि इनमें 24 सीटें तो कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के कारण खाली हुई हैं, जबकि दो विधायकों की मृत्यु के कारण खाली पड़ी हुई हैं। वहीं पटेल के इस्तीफे के बाद एमपी में कांग्रेस विधायकों की संख्या 87 बची है।