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उपचुनाव के बाद एक्शन में शिवराज सरकार: कम्प्यूटर बाबा को भेजा जेल, आश्रम को बुलडोजर से गिराया

मध्य प्रदेश प्रशासन ने कांग्रेस पार्टी समर्थक कंप्यूटर बाबा के आश्रम पर बुलडोजर चला दिया है। इसके अलावा उनको हिरासत में लेने के बाद जेल भेज दिया गया है। बता दें कि इंदौर से सटे जम्बूर्डी हप्सी गांव में बाबा ने गौशाला की 46 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया था।
 

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Indore, First Published Nov 8, 2020, 12:02 PM IST
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भोपाल. उपचुनाव होते ही मध्य प्रदेश शिवराज सरकार एक्शन में आ गई है। जहां भू-माफियों के एक के बाद एक अवैध आशियाने जमींदोज किए जा रहे हैं। अब इस कड़ी में कांग्रेस पार्टी समर्थक कंप्यूटर बाबा के आश्रम पर  प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया है। बाबा के आश्रम के अवैध निर्माण बताते हुए उसे गिरा दिया गया है। इतना ही नहीं कंप्यूटर बाबा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

बाबा ने गौशाला की 46 एकड़ पर कर लिया था अवैध कब्जा
दरअसल, मध्य प्रदेश प्रशासन ने यह बड़ी कार्रवाई रविवार को यानि चुनाव की गिनती से दो पहले की। जहां इंदौर शहर के पास एयरपोर्ट रोड पर जम्बूर्डी हप्सी गांव में बने कम्प्यूटर बाबा के आश्रम परिसर को अवैध कब्जा करार देते हुए गिरा दिया गया। बताया जाता है कि बाबा ने यहां करीब  गौशाला की 46 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया था। जिसमें करीब 2 एकड़ जमीन पर पक्का निर्माण कर आश्रम बनाया गया था। 

(कम्प्यूटर बाबा के इंदौर में बने आश्रम को तोड़ा गया)
 

कमलनाथ सरका में था कैबिनेट मंत्री का दर्जा 
बता दें कि कमलनाथ सरकार में बाबा को नदी संरक्षण न्यास के अध्यक्ष बनाया गया था। जिनको कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था। अभी हाल ही में नामदेव दास त्यागी उर्फ  कम्प्यूटर बाबा ने बीजेपी के खिलाफ जाकर उपचुनावों वाली 28 विधानसभा सीटों पर राज्य सरकार के खिलाफ लोकतंत्र बचाओ यात्रा निकाली थी। जिसमें उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले विधायकों के खिलाफ प्रचार किया था। वह 2019 के लोकसभा चुनाव में भोपाल के प्रत्याशी रहे दिग्विजय सिंह के समर्थन में एक मिर्ची यज्ञ करके के चलते भी चर्चा में रह चुके हैं।

(मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ कम्प्यूटर बाबा - फाइल फोटो)

सीएम शिवराज भी बाबा को बन चुके हैं राज्यमंत्री
बता दें कि कंप्यूटर बाबा भाजपा समर्थक भी रह चुके हैं। उन्हें साल 2018 में तत्कालीन शिवराज सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। लेकिन 2018 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने कांग्रेस का साथ देने का मन बनाया और पद से इस्तीफा दे दिया था।

(मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ कम्प्यूटर बाबा- फाइल फोटो)

अलसुबह भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे अफसर
मामले की जानकारी देते हुए कार्रवाई के दौरान एडीएम अजयदेव शर्मा ने बताया कि बाबा के अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन ने दो माह पहले ही नोटिस जारी कर चुका है। जिसमें पाया गया था कि उन्होंने गौशाला की जमीन पर अवैध मालिकाना हक जमा लिया है। जब प्रशसान ने उनसे इस जमीन के दस्तावेज पेश करने के लिए कहा तो वह इसके कागज नहीं दिखा पाए। जिसके बाद रविवार सुबह  नगर निगम के अमले और भारी पुलिसबल के साथ कार्रवाई करने पहुंचे थे। पहले जवानों ने यहां का सारा सामान खाली कराया, इसके बाद पोकलेन मशीनों की मदद से पूरा आश्रम गिरा दिया गया। वहीं नामदेव दास उर्फ कम्प्यूटर बाबा  को  कार्रवाई के पहले विवाद की आशंका से उनको और उनके चार साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

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