श्रावण मास के दूसरे सोमवार को बाबा महाकाल की दर्शन करने के लिए पूरे देशभर से लाखों की संख्या में भक्त पहुंचे। आलम यह था कि मंदिर समीति और पुलिस की सारी व्यवस्थाएं चरमरा गईं। लाइन में लगे कई लोग गिर गए और भीड़ में दब गए।

उज्जैन (मध्य प्रदेश). महाकाल की नगरी यानि उज्जैन में श्रावण मास के दूसरे सोमवार को बाबा महाकाल की दर्शन करने के लिए लाखों की संख्या में भीड़ पहुंची। आलम यह था कि भक्तों को पैर रखने की भी जगह नहीं थी। इसी बीच लाइन में लगे कई लोग गिर गए और भीड़ में दब गए। कुछ लोगों को हल्की-फुल्की चोंटे भी आई हं। हालांकि समय रहते व्यवस्था संभाल ली गई। किसी के गंभीर रुप से घायल होने की खबर नहीं है। घायलों को अस्पताल में पहुंचाया गया है।

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भीड़ इतनी की पुलिस की सारी व्यवस्थाएं चरमरा गईं
दरअसल, उज्जैन में भगवान महाकाल की आज दूसरी सवारी बड़े ही धूम-धाम से निकली गई। इस दौरान पूरे देशभर से लाखों की संख्या में भक्त अपने राजा के दर्शन करने के लिए पहुंचे थे। भीड़ इतनी थी की मंदिर समीति और पुलिस की सारी व्यवस्थाएं चरमरा गईं। लाइन में लगे कई लोग गिर गए और भीड़ में दब गए।

रविवार रात से ही बाबा महाकाल के दर्शन के लिए जुटने लगी थी भीड़
बता दें कि पुलिस और मंदिर समीति को इतना अनुमान नहीं था कि भगवान महाकाल के दर्शन के लिए इतने श्रद्धालु आएंगे। लेकिन रविवार रात से श्रद्धालुओं की जबर्दस्त भीड़ जुटने लगी थी। सोमवार सुबह तो महाकाल के दर्शन के लिए इतनी भीड़ आ गई थी कि बैरिकेड्स तक गिर गए। जिसके चलते कई श्रद्धालु जमीन में गिर गए और बुरी तरह घायल भी हो गए। ज्यादा भीड़ होने से तमाम प्रशासनिक व्यवस्थाएं चरमरा गईं। 

भक्तों के बीच बैरिकेट्स बन रहे थे बाधा
बता दें कि लाखों की संख्या में पहुंची यह भीड़ भगवान महाकाल की शाही सवारी के दर्शनों के लिए पहुंची हुई थी। बताया जाता है कि 
सवारी के दौरान भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सवारी मार्ग पर बैरिकेट्स लगा दिए। बैरिकेट्स की ऊंचाई अधिक होने से सवारी मार्ग के दोनों ओर खड़े लोगों को भगवान के दर्शन ठीक से नहीं कर पा रहे थे। इस दौरान भक्तों में धक्का-मुक्की भी हुई। हालांकि पुलिस ने बताया कि उन्होंने यह बैरिकेट्स सुरक्षा के बतौर लगाए गए हैं।

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