मध्य प्रदेश की राजनीति में शनिवार को एक चौंकाने वाला घटनाक्रम हुआ। कांग्रेस विधायक अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए। वे सरकारी पर वादा खिलाफ का आरोप लगा रहे थे। 

भोपाल, मध्य प्रदेश. शनिवार को मध्य प्रदेश की सियासत में एक अजीबो-गरीब घटनाक्रम देखने को मिला। यहां कांग्रेस विधायक मुन्नालाल गोयल अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए। वे मुख्य गेट को फांदकर विधानसभा परिसर में घुसे और गांधीजी की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गए। गोयल सुबह 11बजे अपने कुछ समर्थकों को साथ विधानसभा पहुंचे थे। गोयल ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे से आते हैं। गोयल ने कहा कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने अपने घोषणा पत्र में जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं किए। इसलिए धरने पर बैठने को मजबूर हुए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे मुख्यमंत्री से नाराज नहीं है। वे किसी मंत्री से भी नाराज नहीं है। वे सिर्फ घोषणा पत्र के वादे पूरा कराने की कोशिश कर रहे हैं। 

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दरअसल, मुद्दा 1200 गरीब भूमिहीनों के पट्टों से जुड़ा हुआ है। विधायक गोयल पिछले 20 सालों से ग्वालियर में गरीबों को जमीन के पट्टे न देने से नाराज हैं।

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भाजपा ने कहा कि मप्र में गूंगी-बहरी सरकार
इस घटनाक्रम पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने व्यंग्य कियाञ उन्होंने कहा कि मप्र में गूंगी-बहरी सरकार है। जो सरकार अपने ही विधायकों की नहीं सुनती, वो जनता की क्या सुनेगी।