राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने भोपाल प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को कांग्रेस शासित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से आए हुए आरएसएस प्रचारकों के साथ बातचीत जारी रखते हुए दोनों राज्यों में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के बारे में फीडबैक लिया।

भोपाल. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने भोपाल प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को कांग्रेस शासित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से आये हुए आरएसएस प्रचारकों के साथ बातचीत जारी रखते हुए दोनों राज्यों में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के बारे में फीडबैक लिया।

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कयास है कि आरएसएस के मध्य क्षेत्र के प्रचारकों से फीडबैक लेने के बाद वह दोनों राज्यों में सीएए को लेकर जारी विरोध को जल्दी दूर करने का उपाय करना चाहते हैं।

14 महीने से दोनों राज्यों में अब कांग्रेस सत्ता में 

संघ के एक विचारक ने कहा कि भागवत ने सभी प्रचारकों को उनके समक्ष आने वाली और आ सकने वाली चुनातियों के बारे में बताया। मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़, दोनों राज्यों में 15 साल तक (वर्ष 2003 से वर्ष 2018 तक) भाजपा की सरकार थी। पिछले विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार के बाद पिछले 14 महीने से दोनों राज्यों में अब कांग्रेस सत्ता में है।

आरएसएस से जुड़े विभिन्न संगठनों के साथ करेंगे चर्चा 

अगले दो दिन भागवत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित आरएसएस से जुड़े विभिन्न संगठनों के साथ चर्चा करेंगे। यह कार्यक्रम शादरा विहार में ही होगा।

आरएसएस की चार दिवसीय बैठक के गुरुवार शाम समापन से पहले वह आरएसएस के प्रचारकों और जुड़े हुए संगठनों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के लिए रोडमैप तैयार कर उन्हें बताएंगे, जिसका उन्हें पालन करना होगा। इस बैठक में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से आये हुए 100 से अधिक प्रचारक भाग ले रहे हैं।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)