क्रमण के खतरा को कम देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने 17 नवंबर को कोरोना के सभी प्रतिबंध हटा दिए थे। लेकिन 13 दिन बाद ही कोरोना फिर कहर बरपाने के लिए तैयार हो चुका है। जिसे देखते हुए सीएम शिवराज ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक की और  राज्य में अलर्ट जारी करते हुए कुछ गाइडलाइन भी जारी की है। 

भोपाल (मध्य प्रदेश). कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) ने पूरी दुनिया के होश उड़ा कर रखे हुए हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने चेतावनी दी है कि नया वैरिएंट बड़ा खतरा बन सकता है। वहीं दूसरी तरफ कोरोना प्रतिबंधों से छूट मिलने के बाद एक बार फिर से मध्यप्रदेश में पॉजिटिव केसों की संख्यां लगातर बढ़ने लगी है। जहां 14 दिन में ही भोपाल में 79 केस सामने आ चुके हैं और 24 घंटे में 14 केस मिले हैं। वहीं पूरे प्रदेश की बात करें तो करीब 170 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं।

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सीएम शिवराज ने कैबिनेट में जारी की नई गाइडलाइन
दरअसल, संक्रमण के खतरा को कम देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने 17 नवंबर को कोरोना के सभी प्रतिबंध हटा दिए थे। लेकिन 13 दिन बाद ही कोरोना फिर कहर बरपाने के लिए तैयार हो चुका है। जिसे देखते हुए सीएम शिवराज ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक की और राज्य में अलर्ट जारी करते हुए कुछ गाइडलाइन भी जारी की है। 

बिना मास्क के दिखे तो लगेगा 500 रुपए का जुर्माना 
जहां एक तरफ सरकार लोगों को मास्क पहनने और एक-दूसरे से सोशल डिस्टेंसिंग रखने की समझाइश दे रही है। वहीं भोपाल कलेक्टर अविनाश लावानिया ने आदेश जारी किया है कि जो कोई भी बिना मास्क दिखा तो उस पर 100 रुपए की जगह अब 500 रुपए का जुर्माना लगेगा। नगर निगम फिर से सख्ती करेगा बाजारों में लापरवाही सामने आई तो दुकान को सील कर दिया जाएगा। कलेक्टर ने जो आदेश निकाला है उसके हिसाब से बिना दोनों डोज लगे कर्मचारी मिलने पर संस्था पर कार्रवाई की जाएगी। कोरोना संक्रमित मिलने पर होम आइसोलेशन नहीं किया जाएगा। उन्हें काटजू अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। वहीं शादी समारोह और अन्य आयोजन को लेकर भी गाइडलाइन जारी हो सकती है।

50% क्षमता से खोले जाएंगे सभी स्कूल
मुख्यमंत्री ने अपने आदेश में मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग जैसी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इतना ही नहीं उन्होंने निर्देश जारी किए हैं जो बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करे उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं सरकार ने दो दिन पहले ही सरकारी और प्राइवेट स्कूल 50% क्षमता से खोले जाने का निर्णय लिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा-खतरा बढ़ते देर नहीं लगेगी
सीएम ने कहा-अभी स्कूलों में 50-50% बच्चों की उपस्थिति के निर्देश दिए हैं। 18 वर्ष के कम उम्र के बच्चों को अभी टीका नहीं लगा है, इसलिए बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हाथ साफ रखने, सैनेटाईजेशन, मास्क के लिए बच्चों को प्रेरित करें। कोरोना के नए केस सामने आ रहे हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों से हैं। हमें अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यदि तत्काल सावधानियाँ नहीं बरती गईं, तो स्थिति बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए भोपाल में बढ़ रहे मामलों को देखते हुए पूरे प्रदेश में सतर्कता की जरूरत है।

भोपाल-इंदौर फिर बनने लगे कोरोना के हॉटस्पॉट 
बता दें कि 1 से 15 नवंबर के बीच प्रदेश में कोरोना के कुल 123 केस मिले थे। लेकिन 17 से 29 नवंबर के बीच यह आंकड़ा काफी बढ़ गया है। प्रदेश के बड़े शहर भोपाल और इंदौर हॉटस्पॉट बनने लगे हैं। भोपाल में 65 और इंदौर में 64 केस आ चुके हैं। जबलपुर में 8 और ग्वालियर में 1 केस ही मिला। रायसेन में 14 और दमोह में 11 नए केस मिल चुके हैं। शहडोल, बैतूल, नरसिंहपुर, बड़वानी और होशंगाबाद में भी कोरोना के मामला सामने आए हैं।