टोक्यो ओलिंपिक में इतिहास रचते हुए मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को केंद्र से लेकर राज्य सरकारों ने करोड़ों रुपयों की धन वर्षा की है। इसी बीच मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने इंटरनेशनल हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर को डीएसपी नियुक्त करने का फैसला किया है।

भोपाल (मध्य प्रदेश). टोक्यो ओलिंपिक में इतिहास रचते हुए मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को केंद्र से लेकर राज्य सरकारों ने करोड़ों रुपयों की धन वर्षा की है। इसी बीच मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने इंटरनेशनल हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर को डीएसपी नियुक्त करने का फैसला किया है।

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सीएम शिवराज ने दिए करोंड़ों रुपए और कई तोहफे
दरअसल, मंगलवार को मध्य प्रदेश सरकार की केबिनेट बैठक थी, जिसमें राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने विवेक सागर को डीएसपी बनाने का फैसला किया। इससे पहले विवेक सागर जब टोक्यो से भोपाल लौटे थे तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक करोड़ रुपए का चेक सौंपा है। साथ ही उन्हें एक मकान और प्लाट तोहफे में दिया था। इस दौरान सीएम ने कहा था कि विवेक सागर की मां चाहती थीं कि उनका एक पक्का मकान हो, उनकी इस इच्छा को प्रदेश सरकार ने पूरा कर दिया है।

पिता टीचर तो भाई हैं इंजीनियर...
बता दें कि बता दें कि विवेक सागर इटारसी जिले के गांव चांदोन के रहने वाले हैं। विवेक के पिता रोहित प्रसाद सरकारी प्राइमरी टीचर हैं तो मां कमला देवी गृहिणी हैं। वहीं बड़ा भाई विद्या सागर सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। इसके अलावा दो बहनें पूनम और पूजा हैं। पूनम की शादी हो चुकी है और पूजा पढ़ाई कर रही है।

आर्डनेंस फैक्ट्ररी में खेलते थे हॉकी
विवेक सागर ओलिंपिक में हॉकी टीम में शामिल होने वाले मध्य प्रदेश से इकलौते खिलाड़ी हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ 2019 के लिए राइजिंग स्टार ऑफ द ईयर चुना गया था। विवेक ने हॉकी की शुरुआत अपने घर से दो किलोमीटर दूर आर्डनेंस फैक्टरी (ओएफ) के खेल परिसर व गांधी मैदान से की है। विवेक सागर इंडियन जूनियर हॉकी टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं।