प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना का उद्घाटन किया। यह दुनिया की सबसे बड़ी परियोजना में से एक है। मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इसका लोकार्पण किया। इस परियोजना को विश्व बैंक ने बगैर राज्य सरकार की गारंटी के क्लीन टेक्नोलॉजी फंड के तहत सस्ती दरों पर दिया है। यह परियोजना इस दशक में ऊर्जा का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगी। इससे दिल्ली मेट्रो तक को बिजली मिलेगी।

नई दिल्ली. दुनिया की सबसे बड़ी सोलर ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना का गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया। मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इसका लोकार्पण किया। इस परियोजना को विश्व बैंक ने बगैर राज्य सरकार की गारंटी के क्लीन टेक्नोलॉजी फंड के तहत सस्ती दरों पर दिया है। यह परियोजना इस दशक में ऊर्जा का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगी। इससे दिल्ली मेट्रो तक को बिजली मिलेगी। इस परियोजना से प्रति यूनिट 2 रुपए 97 पैसे में बिजली मिलेगी। इस परियोजना से हर साल 15.7 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के उर्त्सजन को रोका जा सकेगा।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परियोजना ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने कहा कि इस सोलर प्लांट से न सिर्फ मध्य प्रदेश, बल्कि उद्योगों के अलावा दिल्ली में मेट्रो रेल तक को बिजली मिलेगी। शाजापुर, नीमच और छतरपुर में भी बड़े सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए बिजली पर आत्मनिर्भरता जरूरी है।