आमतौर पर चोर चोरी-छुपे घुसते हैं..बिना कोई आहट किए माल समेटते हैं और निकल जाते हैं। हालांकि कई सनकी चोर अपनी चोरी की स्टाइल सबको दिखाने घटनास्थल पर कुछ न कुछ विचित्र हरकतें भी करते हैं। अपनी कोई निशानी छोड़ जाते हैं। लेकिन यह चोर बिलकुल अलग निकला। यह पुलिस के आने पर भी नहीं घबराया। बल्कि फैक्ट्री में यूं बैठा रहा, जैसे वो मालिक हो। 

भोपाल, मध्य प्रदेश. यह तस्वीर एक चोर की है। जो एक फैक्ट्री में चोरी करने घुसा था। लेकिन वहां चोरी करने के बजाय मैनेजर के केबिन में जाकर यूं बैठ गया, जैसे वो ही फैक्ट्री का मालिक हो। इससे पहले उसने फैक्ट्री के 4 ताले तोड़े और उन्हें वहां लगे एक पेड़ पर लटका दिए। इन सबके बावजूद चोर वहां से नहीं भागा। जब सुबह मैनेजर फैक्ट्री पहुंचा, तो ताला टूटे देखकर उसने पुलिस को बुलाया। वहां जाकर देखा कि चोर आराम से कुर्सी पर बैठा हुआ था। पुलिस के पूछने पर उसने जवाब दिया कि फैक्ट्री उसकी है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

अजब चोर की गजब कहानी..
आमतौर पर चोर चोरी-छुपे घुसते हैं..बिना कोई आहट किए माल समेटते हैं और निकल जाते हैं। हालांकि कई सनकी चोर अपनी चोरी की स्टाइल सबको दिखाने घटनास्थल पर कुछ न कुछ विचित्र हरकतें भी करते हैं। अपनी कोई निशानी छोड़ जाते हैं। लेकिन यह चोर बिलकुल अलग निकला। यह पुलिस के आने पर भी नहीं घबराया। बल्कि फैक्ट्री में यूं बैठा रहा, जैसे वो मालिक हो। मामला गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के आई सेक्टर स्थित डेंटिंग-पेंटिंग फैक्ट्री का है। यह फैक्ट्री ई-7, अरेरा कॉलोनी में रहने वाले 30 वर्षीय बलदीप सिंह जज की है।

फैक्ट्री में ही सेनेटरी गोदाम भी है। फैक्ट्री के मैनेजर दीपक चावला ने बताया कि 20 मई की सुबह करीब 10 बजे वो फैक्ट्री पहुंचा, तो ताला टूटा हुआ था। गेट की कुंडी सब्बल से तोड़ी गई थी। कांच भी फूटे पड़े थे। जब वो अपने केबिन में घुसे, तो देखा एक शख्स उनकी कुर्सी पर बैठा हुआ था।

पुलिस को दिया बिंदास जवाब..
मैनेजर ने अशोका गार्डन पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची, तब भी शख्स भागा नहीं। उसने केबिन में अपनी फैमिली की तस्वीर लगा रखी थी। पुलिस के पूछने पर उसने गर्मजोशी से जवाब दिया कि वो ही फैक्ट्री का मालिक है। टीआई आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी का नाम चंदन सिंह राजपूत है। उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं है। उसका इलाज चल रहा है। पहले वो ऑटो चलाता था।