मध्य प्रदेश के मुरैना में तीन साल के बच्चे के किडनैप से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गनीमत रही कि बच्चे को कुछ नहीं हुआ।

मुरैना, मध्य प्रदेश. 'एग्जाम फोबिया' के चलते 12th के एक स्टूडेंट ने अपने ही घर में खतरनाक षड्यंत्र रच डाला। एग्जाम न देना पड़े..इसलिए उसने घर में कोहराम मचाने के मकसद से अपने 3 साल के चचेरे भाई का किडनैप कर लिया। बच्चे को दूर एक खेत में ले जाकर रस्सियों से बांधकर लिटा दिया। बच्चा काफी देर तक रोता रहा। फिर सुबकर चुपचाप पड़ा रहा। आरोपी चाचा ने घर में एक चिट्ठी छोड़ी थी। इसमें लिखा था कि यदि बच्चे को जिंदा चाहिए, तो रणवीर की पढ़ाई छुड़वा दो। रणवीर ही आरोपी है। आरोपी को लगा था कि भाई के अपहरण की घटना से पूरा परिवार उसे ढूढ़ने में लग जाएगा। वो भी इस भाई को ढूंढ़ने के बहाने एग्जाम देने नहीं जाएगा। हालांकि उसकी साजिश का कुछ घंटे में ही पर्दाफाश हो गया।

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आरोपी ने ही पुलिस को सौंपी चिट्ठी
मामला जौरा तहसील के पिपरौआ का पुरा गांव से जुड़ा हुआ है। नेमीचंद कुशवाह रविवार को अपनी पत्नी सपना, बेटे बॉबी(5) और आशिक उर्फ भूकन(3) के साथ टुड़ीला में भानजे के फलदान में गया था। रात करीब 8.30 बजे नेमी अपने दोनों बच्चों को एक रिश्तेदार के घर पर खटिया पर सुलाकर खाना खाने चला गया। जब पति-पत्नी लौटे, तो आशिक गायब था। काफी देर तक ढूंढ़ने पर जब बच्चा नहीं मिला, तो पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस के पहुंचने पर खटिया पर एक चिट्टी मिली। यह चिट्ठी आरोपी ने ही पुलिस को सौंपी

मुरैना डॉ. एसपी असित यादव ने बताया कि पुलिस को आरोपी चाचा पर शक हुआ। जब उससे पूछताछ की गई, तो उसने सारी कहानी उगल दी। इसके बाद पुलिस ने बच्चे को खेत से सकुशल बरामद कर लिया। एसपी ने बताया कि आरोपी 10वीं में तीन बार फेल हुआ था। तब भी वो परीक्षा के दौरान घर से भाग गया था। चिट्ठी में आरोपी ने अपने ही बारे में जिक्र किया था। यह बात पुलिस के गले नहीं उतर रही थी।