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नागपंचमी पर दिखा अजब सीन: शिवलिंग से लिपटकर बैठा रहा सांप

सोमवार को देशभर में नागपंचमी मनाई गई। मध्य प्रदेश के बैतूल में इस मौके पर एक प्राचीन मंदिर में अजब सीन देखने को मिला। यहां शिव लिंग पर घंटों एक सांप लिपटा बैठा रहा। यह देखकर वहां लोगों की भीड़ लग गई।

Special on Nagpanchami: A snake ENTERED in a Shiv temple in Madhya Pradesh
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Bhopal, First Published Aug 5, 2019, 5:00 PM IST
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भोपाल. सोमवार को देशभर में नागपंचमी मनाई गई। जगह-जगह शिवालयों में भक्तों की तांता लगा रहा। इस बीच बैतूल जिले के एक प्राचीन मंदिर में अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां शिवलिंग पर एक सांप लिपटा देखा गया। यह मंदिर बैतूल मुख्यालय से 18 किमी दूर पाढर में है। सोमवार सुबह जब लोग मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे, तो शिवलिंग पर सांप लिपटा देखा। लोगों ने काफी इंतजार किया, लेकिन वो वहां से नहीं गया। जब  इसकी जानकारी गांववालों को पता चली, तो मंदिर में भीड़ जुट गई। लोग नाग देवता के दर्शन को उमड़ पड़े। हिंदू धर्म में मान्यता है कि नागपंचमी पर नाग का पूजन करने से हर मनोकामना पूरी होती है। 

नागपंचमी का महत्व
हिंदू धर्म में नाग को देवता माना जाता है। ग्रंथों में पढ़ने को मिलता है कि नाग भगवान शिव के गले में का हार होते हैं। वहीं नाग पर ही भगवान विष्णु आराम करते हैं। यानी नाग उनका आसन हैं। दरअसल, नागों का मानसून से भी एक संबंध है। अगस्त के सावन में जबर्दस्त बारिश होती है। ऐसे में बिलों में छुपे सांप बाहर निकल आते हैं। मान्यता है कि सांपों की पूजा करने से वे किसी का नुकसान नहीं करते। ज्योतिष शास्त्र में कहा जाता है कि जिनकी कुंडली में सर्प दोष है, अगर वे नागपंचमी पर सांपों की पूजा करें, तो उन्हें इस दोष से छुटकारा मिलता है।

यह भी जानें
नागपंचमी हर साल सावन की शुक्ल की पंचमी को मनाई जाती है। पंडित अरविंद तिवारी के अनुसार, इस बार नागपंचमी पर दुर्लभ संयोग बना है। ऐसा 125 साल बाद संयोग बना है, जब सावन के सोमवार के दिन नाग पंचमी आई है। इस कारण इस बार पूजा का अधिक फल मिलेगा।

 

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