आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी और पुलिस मुख्यालय भोपाल ने अपर पुलिस अधीक्षकों के कौशल को मज़बूत करने के लिए गुरुवार को लोक प्रबंधन विषय पर एक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया।

भोपाल(madhya pradesh). आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी और पुलिस मुख्यालय भोपाल ने अपर पुलिस अधीक्षकों के कौशल को मज़बूत करने के लिए गुरुवार को लोक प्रबंधन विषय पर एक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया। यह प्रशिक्षण सत्र पुलिस अधिकारियों के मिड कैरियर ट्रेनिंग कार्यक्रम का एक हिस्सा था। इस सत्र में नवीन कृष्ण राय, प्रबंधक, सरकारी मामले, आईआईएम इंदौर ने प्रतिभागियों को संबोधित किया।

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इस सत्र में प्रतिभागियों को लोकप्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराया गया। इसमें प्रबंधन के सिद्धांतों और मॉडलों के माध्यम से व्यक्ति की स्वयं की टीम, विभाग या संगठन के भीतर और बाहर के लोगों को मैनेज करने के तरीकों पर चर्चा हुई। यह भी समझने का प्रयास किया गया कि सामान्यतः लोग अपने निर्णय कैसे लेते हैं। 

सत्र में लोगों के निर्णय लेने की बिंदु पर बात करने के लिए स्कीमा सिद्धांत की मदद ली गयी। जिसके अनुसार लोगों की अपनी धारणा होती हैं जिसका निर्माण वे अपने जन्म के बाद अपने आस-पास के लोगों और चीजों को देख कर करते हैं। लोग ऐसी नई चीजों और जानकारियों का विरोध करते हैं जो उनकी अपनी धारणाओं के विपरीत होती हैं। प्रतिभागियों को प्रास्पेक्ट सिद्धांत की मदद से बताया गया कि लोग लाभ और हानि को अलग-अलग महत्व देते हैं। किसी लाभ से मिली ख़ुशी उतने ही हानि से हुए दुःख से कम होती है। 

इस सत्र में किसी के संगठन के भीतर लोगों के प्रबंधन के लिए, हाइजेनबर्ग टू-फैक्टर थ्योरी, एक्सपेक्टेंसी थ्योरी ओफ़ मोटिवेशन और सिचुएशनल लीडरशिप सिद्धांत जैसे मोटिवेशन के सिद्धांतों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को सलाह दी गई थी कि वे हाईजीन फ़ैक्टर के महत्व को समझें और यह सुनिश्चित करें कि किसी व्यक्ति को प्रेरित करने के लिए पुरस्कृत करते समय इस बात का ध्यान रखें कि उस व्यक्ति को मिलने वाले पुरस्कार की उस व्यक्ति की नज़रों में कितनी क़ीमत और उपयोगिता है।