पुलिस ने बताया कि कालीचरण के खिलाफ यह कार्रवाई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता और महाराष्ट्र के मंत्री जितेंद्र अव्हाड की शिकायत के आधार पर हुई है। बताया जा रहा है कि आज ही कालीचरण को ठाणे पुलिस कस्टडी में लेने के लिए स्थानीय अदालत में पेश भी करने वाली है।

ठाणे (महाराष्ट्र). महात्मा गांधी के खिलाफ अभद्र भाषा और गाली का इस्तेमाल करने वाले कालीचरण महाराज की मुश्किलें अब और बढ़ती जा रही हैं। क्योंकि कालीचरण को महाराष्ट्र की ठाणे पुलिस ने गिरफ्तार किया है। नौपाड़ा थाने के एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि कालीचरण को बुधवार रात छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गिरफ्तार किया है। 

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पुलिस कस्टडी के लिए अदालत में पेशी
नौपाड़ा थाने की पुलिस ने बताया कि कालीचरण के खिलाफ यह कार्रवाई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता और महाराष्ट्र के मंत्री जितेंद्र अव्हाड की शिकायत के आधार पर हुई है। बताया जा रहा है कि आज ही कालीचरण को ठाणे पुलिस कस्टडी में लेने के लिए स्थानीय अदालत में पेश भी करने वाली है।

पहले भी महाराष्ट्र पुलिस कर चुकी है गिरफ्तार
 कालीचरण के खिलाफ महाराष्ट्र के अकोला और पुणे में भी केस दर्ज हैं। पुणे पुलिस ने भी 19 दिसंबर 2021 को वहां आयोजित शिव प्रताप दिन कार्यक्रम में कथित रूप से भड़काऊ भाषण के मामले में कालीचरण महाराज को गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में छत्तीसगढ़ पुलिस कोर्ट में पेश करने के बाद ले गई थी। तब से लेकर अभी तक वो रायपुर के जेल में ही बंद था।

बापू के पर दिया था अपमानजनक बयान 
बता दें कि पिछले साल 26 दिसंबर को कालचीरण महाराज ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में महात्मा गांधी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। कहा था-1947 में हमने अपनी आंखों से देखा कि कैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश पर कब्जा किया गया। मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया।मैं गांधी से नफरत करता हूं, मेरे हृदय में गांधी के प्रति तिरस्कार है। वहीं मैं गोडसे को कोटि-कोटि नमस्कार करता हूं, उनके चरणों में मेरा साष्टांग प्रणाम है, जिन्होंने उन्हें मार दिया।

सबसे पहले खजुराहो से हुई थी गिरफ्तारी
कालीचरण को पिछले साल 30 दिसंबर को एमपी के खजुराहो से कालीचरण महाराज को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ रायपुर के टिकरापारा थाने में मामला दर्ज किया गया था। मध्य प्रदेश सरकार ने कालीचरण की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताई थी। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसका विरोध भी किया था। उन्होंने कहा था-कालीचरण महाराज की गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ पुलिस ने जिस तरीके से की है‌ वह संघीय मर्यादा के खिलाफ है। कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ सरकार को इंटरस्टेट प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं करना चाहिए था।