संजय राउत ने कहा, लोगों ने बड़ी राशि का योगदान दिया। सोमैया ने कहा था कि इसे महाराष्ट्र राजभवन को सौंपा जाएगा। लोग इसके बारे में सोच रहे थे। हमें राजभवन से सूचना मिली है कि इतनी राशि राजभवन को नहीं सौंपी गई है। पैसा कहां गया?

मुंबई : महाराष्ट्र में इन दिनों जांच एजेंसिंया काफी एक्टिव हैं। ईडी के निशाने पर शिवसेना सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) की पत्नी वर्षा और उनके करीबी प्रवीण राउत हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई में 1034 करोड़ के चॉल घोटाले में संपत्ति जब्त कर ली है। इसके बाद बयानों की बाढ़ सी आ गई है। बीजेपी और शिवसेना के बीच खूब वार-पलटवार हो रहे हैं। इसी बीच संजय राउत ने भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया (Kirit Somaiya) पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने युद्धपोत आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) के संरक्षण के लिए 50 करोड़ रुपए की हेराफेरी का आरोप लगाया है। जिसके बाद बवाल मचना तय माना जा रहा है।

राउत ने क्या आरोप लगाए

दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संजय राउत ने कहा कि 1971 में जब पाकिस्तान (Pakistan) से युद्ध चल रहा था, तब युद्धपोत विक्रांत और इंडियन नेवी का काफी महत्वपूर्ण रोल था। इसके बाद जब INS विक्रांत खराब होने लगा और इसका रखरखाव काफी मुश्किल हो गया। इसे सुरक्षित रखने संग्रहालय बनाने का फैसला हुआ। इसके लिए 200 करोड़ की जरुरत थी। राज्य और केंद्र से मदद मांगी गई लेकिन कोई मदद नहीं मिली तब देशभर में विक्रांत के संरक्षण के लिए अभियान चले। महाराष्ट्र के सभी नेता तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटोनी (AK Antony) और प्रधानमंत्री से मिला करते थे तब किरीट सोमैया भी उस अभियान में शामिल थे।

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'सेव विक्रांत' के पैसे में हेराफेरी

राउत ने आगे कहा कि सेव विक्रांत अभियान में धन इकट्ठा करने की जिम्मेदारी सोमैया पर थी। अभियान में सोमैया ने अपने कार्यकर्ताओं से चंदा जुटाने को कहा था। तब कार्यकर्ता मुंबई एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर जाकर पैसे जुटाते थे। लाखों- करोड़ों जमा भी हुए। कई लोगों ने तो मुझे फोन कर बताया भी था कि उन्होंने पांच से दस हजार तक दिया है। इस अभियान के तहत 50 करोड़ से ज्यादा राशि मिली लेकिन महाराष्ट्र राजभवन से जो जानकारी मिली उसके मुताबिक एक भी पैसा सरकारी खजाने तक पहुंचा ही नहीं। उस समय सोमैया ने कहा था कि वे अलग से अकाउंट खुलवाकर राजभवन के खाते में पैसे जमा करा देंगे, लेकिन कोई राशि जमा नहीं की गई। 

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देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला

संजय राउत ने कहा कि भले ही यह पैसे बोफोर्स, अगस्ता वेस्टलैंड्स या फिर राफेल घोटालों से कम हो लेकिन यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। महाराष्ट्र सरकार इस मामले की जांच करेगी। मैं केंद्र सरकार और उनकी एजेंसियों से भी अपील करता हूं कि वे इस मामले की जांच करें क्योंकि यह सीधे-सीधे देशद्रोह का मामला है और देश की सुरक्षा से जुड़ा मसला है।

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